ग्राम प्रधान मंगत कांबोज ने बताया कि झाड़ियों में पहले से ही गुलदार घात लगाकर बैठा था। करन जैसे ही नजदीक पहुंचा, गुलदार ने उस पर हमला कर दिया और खींचकर ले जाने लगा। इस दौरान किसी परिजन ने गुलदार को देख लिया और शोर मचा दिया। शोर हुआ तो गुलदार किशोर को छोड़कर जंगल में भाग गया। तब तक करन की मौत हो चुकी थी।
इस घटना से गांव में हाहाकार मच गया तथा भारी भीड़ जमा हो गई। वहीं, ग्रामीणों ने वन विभाग व पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर नगीना एसडीएम समेत वन अधिकारी मौके पर पहुंच गए।