अमर उजाला पड़ताल
-गांवों में सालभर से नहीं हुई साफ-सफाई, जिले में दस्तक देने वाला है डेंगू
-गांवों की नालियों में नहीं हुआ एंटी लार्वा का छिड़काव, पनप रहे मच्छर
-02 हजार के करीब आबादी गांव सल्लाहपुर में निवास करती है
-08 हजार के आसपास आबादी गांव नांगलजट में रहती है
-20 हजार आबादी गांव खारी में निवास करती है
-159 मरीज डेंगू के पिछले साल जिलेभर में मिले
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर/हल्दौर। गांवों में बेहतर स्वास्थ्य पर जोर तो दिया जा रहा है, लेकिन क्या इस पर काम भी हो रहा है। इसका अंदाजा गांव में फैली गंदगी और पानी निकासी की समस्या से लगा सकते हैं। सिर्फ कागजों में ही समस्याओं का समाधान हो रहा है, जबकि धरातल पर सब चौपट है। इसका खुलासा तब हुआ, जब अमर उजाला की टीम ने हल्दौर ब्लॉक के संवेदनशील गांवों की पड़ताल की।
बृहस्पतिवार को अमर उजाला टीम ने हल्दौर ब्लॉक के छह संवेदनशील गांवों गंगोड़ा शेख, खारी, सल्लाहपुर, नांगलजट, बिलाई, पावटी की पड़ताल की। पड़ताल में सब कुछ दावों के उलट मिला। दावा तो बेहतर साफ-सफाई का किया जाता है, मगर मौके पर गंदगी का अंबार मिला। साथ ही नालियों में पानी अटा है, जिस कारण वहां मच्छर पनप रहे हैं। यह बीमारी के वाहक हैं। जून के बाद डेंगू का सीजन शुरू हो जाता है। साथ ही बुखार से भी लोग पीड़ित रहते हैं, मगर अभी तक गांवों में साफ-सफाई और एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं हुआ। पिछले साल भी संवेदनशील गांवों में बुखार के काफी मरीज मिले थे। इसी वजह से स्वास्थ्य विभाग ने इन्हें संवेदनशील घोषित किया था।
गंदगी फैलने सेे संक्रामक बीमारी की चपेट में आ सकते हैं ग्रामीण-
हल्दौर क्षेत्र के गांव सल्लाहपुर, नांगलजट, बिलाई में पड़ताल के दौरान साफ-सफाई नहीं मिली। ग्रामीणों के अनुसार करीब एक साल पहले ही गांवों में साफ-सफाई हुई। ग्रामीणों के अनुसार गांव नांगलजट निवासी भूरे के पुत्र विकुल की पिछले साल बुखार से मौत हो गई थी। मच्छरों से बचाव के लिए नालियों में कीटनाश्क का भी छिड़काव नहीं किया गया। गंदगी फैलने से ग्रामीण संक्रामक बीमारी की चपेट में आ सकते हैं।
घनी आबादी होने पर भी नहीं गांव में सफाई व्यवस्था-
झालू। क्षेत्र के गांव खारी में करीब 20 हजार, गंगोड़ा शेख में करीब चार हजार की आबादी निवास करती है। इसके बावजूद यहां साफ-सफाई की व्यवस्था चौपट मिली। एंटी लार्वा का छिड़काव भी नहीं किया गया। साल 2023 में भी इन गांवों में बुखार का प्रकोप था। नालियां अटी थी, जिससे पानी की निकासी नहीं हुई।
संतोषजनक नहीं सफाई की स्थिति
पैजनिया। गांव पावटी में भी सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं है। गांव में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं और एक बार भी एंटीलार्वा दवा का छिड़काव नहीं कराया गया है। गांव में मच्छरों का प्रकोप है।
साफ-सफाई नहीं होने से लोग परेशान : चुन्नी सिंह
गांव सल्लाहपुर निवासी चुन्नी सिंह का कहना है कि मोहल्ले में सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं है, जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जगह-जगह सड़कों पर फैला पानी : विकास कुमार चौधरी
गांव नांगलजट निवासी विकास कुमार चौधरी का कहना है कि नालियों की सफाई नहीं होने से जगह-जगह पानी सड़कों पर फैल जाता है। गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव भी नहीं हुआ है।
गांव में लगा गंदगी का अंबार : सलीम खान
गांव गंगोड़ा शेख निवासी सलीम खान ने बताया कि गांव में कीटनाशक एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं हुआ है। पिछले साल गांव में भंयकर बुखार से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। गांव में गंदगी का अंबार है, जिससे लोग परेशान हैं।
गांव में लगे कूड़े ढेर : पूर्व प्रधान एजाज
गांव खारी निवासी पूर्व ग्राम प्रधान एजाज का कहना है कि पिछले साल लोगों को बुखार से भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस साल न तो गांव में सफाई हुई है और नहीं एंटी लार्वा का छिड़काव किया गया। गांव में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं।
गांव में नहीं साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त: मोहम्मद उमर
गांव खारी निवासी मोहम्मद उमर ने कहा कि सफाई व्यवस्था दुरुस्त नहीं होने से दुर्गंध फैल रही है। गांव के समीप कूड़ों के ढेर लगे हुए हैं। सफाईकर्मी पूरे गांव में सफाई नहीं करते हैं, बल्कि प्रधान घर के आसपास सफाई कर चले जाते हैं।
नहीं हुआ मच्छर मारने की दवा का छिड़काव : मुर्शद
ग्राम पावटी निवासी मुर्शद ने बताया कि गांव में मच्छर बहुत ज्यादा हैं। ग्राम प्रधान या स्वास्थ्य विभाग की ओर से मच्छर मारने की दवा का छिड़काव नहीं कराया गया है। जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हैं।
वर्जन:: जो भी ऐसे गांव हैं, वहां अभियान चलवाया जाएगा। गांव में सफाई व्यवस्था दुरुस्थ कराई जाएगी। संबंधित विभाग से इसके संबंध में वार्ता भी की जाएगी।
पूर्ण बोरा, सीडीओ बिजनौर