उत्तर प्रदेश के बिजनौर में राजगढ़ रेंज में रेस्क्यू अभियान के जरिए दलदल में फंसे हाथी को निकालने के बाद वन विभाग की टीम उसे सुरक्षित उसके प्राकृतिक आवास भेजने को लेकर चिंतित है। रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद निकाला गया हाथी करीब आधा घंटा सुध-बुध बैठने के बाद खड़ा हुआ। वन विभाग की टीम ने तत्काल हाथी को ग्लूकोस और एंटी वायरस खुराक पशु चिकित्साधिकारी के माध्यम से उपलब्ध कराई।
वनकर्मी प्रतीक्षा में थे कि हाथी लगभग 200 मीटर फासले पर स्थित जंगल की ओर चला जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। रात्रि लगभग 9:15 बजे वन विभाग की मुश्किलें उस समय फिर बढ़ गईं जब कुछ दूरी पर चलने के बाद हाथी फिर से एक गन्ने के खेत में जाकर बैठ गया। जहां पर हाथी बैठा है उसमें भी पानी और दलदल बताया जाता है।
रेस्क्यू अभियान का नेतृत्व कर रहे डीएफओ आशुतोष पांडेय, एसडीओ राजीव कुमार और वन विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद हैं।
वन विभाग के कर्मचारियों को एक ओर जहां हाथी के सुरक्षित उसके प्राकृतिक आवास तक भेजने की चिंता सता रही है, वहीं उसके साथी जंगली हाथियों की जंगल से बीच-बीच में उठने वाली चिंघाड़ने की आवाज वन कर्मियों को रात के अंधेरे में हाथियों के हमले की आशंका से भयभीत कर रही है। वन विभाग की टीम ट्रैक्टर से गन्ने के खेत की दलदल से बाहर निकालने में जुटे हैं।