उपद्रव के तीन आरोपियों की जमानत याचिका निरस्त
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र संजीव पांडेय ने नहटौर में सीएए के विरोध के नाम पर हुई हिंसा, आगजनी में तीन आरोपियों की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। शासकीय अधिवक्ता संजीव वर्मा के अनुसार 20 दिसंबर 2019 को नहटौर थाने में तैनात वरिष्ठ उप निरीक्षक रामचंदर सिंह अपने साथी पुलिसकर्मियों के साथ गश्त करते हुए जब सूत बाजार चौपला पर पहुंचे तो दोपहर करीब दो बजे सीएए के विरोध में लगभग एक हजार लोगों भीड़ सूत बाजार चौराहे पर आई। भीड़ के हाथों में लाठी-डंडे, ईंट, पत्थर और अवैध हथियार थे। भीड़ नारेबाजी करते हुए हिंसात्मक प्रदर्शन पर उतारू हो गई थी। भीड़ ने पुलिसकर्मियों को जान से मारने के लिए फायरिंग भी की। पुलिस ने नहटौर की जिगर कॉलोनी निवासी गुलजार अहमद को 315 बोर के तमंचे और सात कारतूस, मोहल्ला सादात निवासी जफर, मोहल्ला मेमरान निवासी हारून को गंडासे के साथ गिरफ्तार किया था। इस उपद्रव में आठ पुलिसकर्मियों और जनता के दो लोगों को चोटें आईं थीं। दो पुलिसकर्मियों को गोली भी लगीं थीं। अदालत ने गुलजार अहमद, जफर और हारून के अपराध को गंभीर प्रकृति का मानते हुए इनकी जमानत याचिका निरस्त कर दी है।