बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायधीश एमपी सिंह ने तीन मजारों में तोड़फोड़ व आगजनी करने वाले दो आरोपियों मोहम्मद कमाल व उसके भाई मोहम्मद आदिल की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। दोनों आरोपियों ने भगवा रंग का अंगोछा एवं माला पहनकर महाशिवरात्रि पर कांवड़ यात्रा के दौरान घटना को अंजाम दिया था।
जिला शासकीय अधिवक्ता वरुण राजपूत के अनुसार शेरकोट क्षेत्र में 24 जुलाई 2022 को जलालशाह बाबा की मजार में घुसकर मोहम्मद कमाल व मोहम्मद आदिल ने तोड़फोड़ की। मजार में रखी चादरों में उन्होंने आग लगा दी। मजार को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। कमाल ने भगवा रंग का अंगोछा व माला पहन रखी थी। उसका सगा भाई आदिल भी तोड़फोड़ व आगजनी में शामिल था। ये लोग मोटरसाइकिल से आए थे। इन्हीं दोनों लोगों ने कुतुबशाह की मजार व भूरेशाह की मजार में भी तोड़फोड़ व आगजनी की।
इस घटना का पता लगने पर धामपुर, शेरकोट, अफजलगढ़ क्षेत्र के हजारों मुस्लिम धर्मगुरू एकत्र हो गए। वहां सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई। भीड़ ने जाम लगा दिया। कई थानों की पुलिस बुलाकर स्थिति नियंत्रित की गई। इन दोनों ने भगवा रंग के कपड़े पहनकर मजारों में तोड़फोड़ व आगजनी करने पर हिंदु-मुस्लिम दंगे की स्थिति बन गई थी। मामले का खुलासा होने पर स्थिति नियंत्रण में आई। इस मामले को जिला जज ने अत्यंत गंभीर मामला मानते हुए दोनों सगे भाईयों कमाल व आदिल की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।