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बैगिंग तकनीक से आम की बढ़ेगी गुणवत्ता, होगा मुनाफा

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बिजनौर। आम उत्पादन में बैगिंग तकनीक का प्रयोग करने से फल की गुणवत्ता बढ़ेगी और आम उत्पादक को ज्यादा मुनाफा होगा। वजह, इस विधि से आम उत्पादित करने से आम फल कीट एवं रोग, धब्बे, दाग आदि से मुक्त रहता है। इस कारण आम की विदेशों में मांग बढ़ेगी।
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इस विषय पर आम उत्पादक प्रगतिशील किसान, आम विशेषज्ञों व अधिकारियों ने चर्चा की। साथ ही तकनीक के संबंध में आम उत्पादकों को टिप्स दिए। मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा की अध्यक्षता में आम में बैगिंग तकनीक विषय पर वर्चुअल कान्फ्रेंस हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि बैगिंग तकनीक आम को कवर करने अर्थात ढकने की तकनीक है। हम आम को पकाने के लिए बैगिंग तकनीक का प्रयोग कर सकते हैं। बागवान आम को पकाने के लिए इस तकनीक को अपनाकर उसे गुणवत्ता परक बना सकते हैं।
रामपुर के प्रगतिशील किसान विजेन्द्र संधू ने इस विधि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही तकनीक के बारे में अपना अनुभव साझा किया। जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि इससे न सिर्फ आम की गुणवत्ता में सुधार आएगा। गुणवत्ता के आधार पर ही आम फल की विदेशी बाजार मांग बढ़ेगी, जिसका मुनाफा बागवानो को मिलेगा। मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा ने बागवानों से इस तकनीक को अधिक से अधिक अपनाने की अपील की।
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कब होती है बैगिंग तकनीक की प्रक्रिया
जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि जब आम के फल मटर के आकार के हो, उसके लगभग एक माह वाद यह प्रक्रिया की जाती है। इसके अंतर्गत आम के फलों को अखबार, ब्राउन पेपर, बास से निर्मित कागज अथवा पॉलिबेग से फलों को कवर कर दिया जाता है।
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