- जिले में मार्च माह में 73 मिलीमीटर हुई वर्षा
- 2020 में मार्च माह में हुई थी 73.8 एमएम वर्षा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। मौसम ने मार्च माह में बदरा जमकर बरसे। पिछले 13 सालों में दूसरी बार मार्च में सबसे ज्यादा बारिश हुई है। मार्च में तीन दिन में 73 मिलीमीटर पानी बरसा। वहीं इसका असर गेंहू और सरसों की फसल पर भी पड़ा है।
जिले में हो रही बारिश से तापमान में गिरावट हो गई है। अधिकतम तापमान में करीब 13 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज हुई है। न्यूनतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है। बारिश से पहले तक अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस तक चल रहा है, मगर अधिकतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस चल रहा है। जबकि न्यूनतम तापमान पहले 12 डिग्री सेल्सियस था, लेकिन मंगलवार को 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में गिरावट होने से लोगों को दोबारा ठंड का अहसास होने लगा।
नगीना स्थित कृषि वेधशाला से मिली जानकारी के मुताबिक 2010 से अब तक दूसरी बार मार्च में सबसे ज्यादा वर्षा हुई है। साल 2020 में मार्च माह में 73.8 एमएम बारिश हुई थी। साल 2021, 2022 में मार्च में पानी की एक बूंद भी नहीं बरसी। इस बार मौसम ने अपना रुख बदला। जिसके चलते मार्च में 73 एमएम वर्षा दर्ज हुई। हवा भी आठ से 12 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली। नगीना स्थित कृषि वेधशाला के प्रेषक सतीश कुमार का कहना है कि अभी मौसम खराब हो सकता है। हल्की बूंदाबांदी की संभावना है।
-
तारीख- बारिश- हवा की रफ्तार
18 मार्च- 04 एमएम- 12 किलोमीटर/घंटा
20 मार्च- 32 एमएम- 10 किलोमीटर/घंटा
21 मार्च- 37 एमएम- 08 किलोमीटर/घंटा
-
साल 2010 से 2023 तक का मार्च में हुई बारिश-
साल- वर्षा
2010- 00
2011- 12.2
2012- 20.2
2013- 17.6
2014- 15
2015- 29
2016- 27
2017- 03
2018- 00
2019- 01
2020- 73.8
2021- 00
2022- 00
2023- 73
नोट: बारिश के आंकड़े एमएम में हैं और कृषि वेधशाला से लिए गए हैं।