खो नदी का जलस्तर बढ़ने से कटा बढ़ापुर-नगीना मार्ग।
- मार्ग पर वाहनों का आवागमन बंद, बढ़ापुर क्षेत्र का जनपद से संपर्क कट गया
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संवाद न्यूज एजेंसी
बढ़ापुर (बिजनौर)। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई मूसलाधार वर्षा से उफान पर आई खो नदी के तीव्र जल प्रवाह ने बढ़ापुर-नगीना मार्ग को भी ध्वस्त कर दिया है। इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन बंद कर दिया गया है। बढ़ापुर क्षेत्र का जनपद से संपर्क कट गया है। लोनिवि अब ध्वस्त हुई सड़क पर बल्लियों व रेत के बोरे लगाकर स्टड बनाकर कटाव रोकने की जुगत में लगा है।
क्षेत्र की खो नदी के जलस्तर का बढ़ना पर्वतीय क्षेत्रों में होने वाली वर्षा पर निर्भर है। पहाड़ी क्षेत्र में रुक-रूककर हो रही तेज बारिश से खो नदी का जलस्तर इतना बढ़ा कि क्षेत्र को रायपुर व नजीबाबाद से जोड़ने वाले गांव शाहलीपुर कोटरा (गांवड़ी) के समीप स्थित खो नदी पुल की अप्रोच व इसकी सड़क को खो नदी का पानी दो दिन पूर्व अपने साथ बहा ले गया। इसी के साथ ही बढ़ापुर-नगीना मार्ग पर पड़ने वाली खो नदी का पानी भी करीब दो सप्ताह पूर्व से रास्ता बदलकर खो नदी पुल के उत्तरी दिशा में बढ़ापुर-नगीना मार्ग की ओर बहकर मार्ग की ओर भूकटाव कर रहा था।
अब इस मार्ग पर वाहनों का आवागमन बंद हो गया है। पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से मार्ग के दोनों ओर बैरिकेडिंग लगाकर पुलिसकर्मी तैनात कर दिए हैं। बढ़ापुर कस्बे व क्षेत्र का एकमात्र मुख्य बढ़ापुर-नगीना मार्ग बंद होने पर यहां का जनपद से भी संपर्क कट गया है। सूचना मिलने पर एसडीएम नगीना शैलेंद्र कुमार व सीओ संग्राम सिंह राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थलीय निरीक्षण किया। उनके निर्देश पर लोनिवि ने ध्वस्त मार्ग पर बल्लियां व रेत के भरे बोरे डालकर स्टड बनाने का काम शुरू कर दिया है। अस्थायी स्टड लगाकर नदी की दिशा परिवर्तित करने का कार्य किया जा रहा है।
दो दशक पूर्व जैसे फिर बने हालात
करीब दो दशक पूर्व भी खो नदी के तीव्र जल प्रवाह ने अपना रास्ता बदलकर आज की तरह खो नदी पुल के उत्तरी दिशा की ओर बहकर बढ़ापुर-नगीना मार्ग का भूकटाव कर मार्ग को ध्वस्त कर दिया था। उस समय करीब एक माह तक मार्ग पर वाहनों का आवागमन बंद रहा था और क्षेत्र का जनपद से भी संपर्क कटा रहा था। प्रशासन के प्रयास और क्षेत्रवासियों ने श्रमदान कर उस समय जैसे तैसे वैकल्पिक मार्ग बनाकर आवागमन चालू कराया था।