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Bijnor News: निर्माण कार्य का नाम बदलकर दोबारा भुगतान लेने की कोशिश

Fri, 09 Feb 2024 01:59 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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बिजनौर। जिले के एक पूर्व प्रधान ने ब्लॉक एकाउंटेंट के साथ मिलकर पुराने निर्माण कार्यों का नाम बदलकर लाखों का भुगतान दोबारा लेने की कोशिश की। मगर प्रशासन की जांच में मामले का पर्दाफाश हो गया। जिस पर सीडीओ ने पूर्व प्रधान तथा एकाउंटेंट के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं।
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सीडीओ पूर्ण बोरा के अनुसार मामला जलीलपुर ब्लाक की ग्राम पंचायत रवाना का वित्तीय वर्ष 2020-21 का है। उस समय पंचायत के रुपेश उर्फ रुपक ग्राम प्रधान तथा सचिन कुमार सचिव थे। पंचायत के पिछले कार्यकाल में करीब ढाई लाख की लागत से सीसी रोड का निर्माण हुआ था। जिसका भुगतान पंचायत निधि से हो गया था।



बताया गया कि पूर्व प्रधान ने करीब दो माह पहले सीडीओ को पत्र दिया। जिसमें उसके कार्यकाल के निर्माण कार्यों का करीब ढाई लाख का भुगतान बकाया होने की बात कही। पूर्व प्रधान ने मनरेगा से भुगतान करने की मांग की। पूर्व प्रधान के पत्र के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्दर प्रताप सिंह के लैटर पैड पर लिखा पत्र भी संलग्न था। सीडीओ पूर्ण बोरा ने पूर्व प्रधान के पत्र को जांच के लिए बीडीओ जलीलपुर को भेजा।
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नाम बदलकर भुगतान लेने की कोशिश



सीडीओ पूर्ण बोरा के अनुसार बीडीओ जलीलपुर ओमवीर सिंह ने पंचायत में जाकर मामले की जांच की। बताया जाता है कि पंचायत सचिव ने बीडीओ/जांच अधिकारी को बताया कि पूर्व प्रधान के पत्र में लिखे गए निर्माण कार्य पुराने काम है। जिनका करीब ढाई लाख का भुगतान पहले ही पंचायत निधि से हो चुका है। आरोप है कि अब नाम बदल कर उन्हीं निर्माण कार्यों का भुगतान कथित रूप से दोबारा लेने की कोशिश की जा रही रही है। बीडीओ ने जांच रिपोर्ट सीडीओ को भेजी।







जिला पंचायत अध्यक्ष का पैड फर्जी, फर्जी आईडी बनाई



सीडीओ पूर्ण बोरा के अनुसार पूर्व प्रधान द्वारा अपने पत्र के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष साकेन्दर प्रताप सिंह के लैटर पैड पर लिखा पत्र लगाया गया है। लैटर पैड जिला पंचायत अध्यक्ष को सत्यापन के लिए भेजा गया। जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा लैटर पैड फर्जी होना बताया गया है। सीडीओ के मुताबिक पैसा हड़पने के लिए मनरेगा की फर्जी आईडी बना ली गई थी।





एकाउंटेंट के खिलाफ पहले भी गबन का मामला



सीडीओ पूर्ण बोरा ने बताया कि मामले में पूर्व प्रधान तथा एकाउंटेंट के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश बीडीओ जलीलपुर को दिए गए हैं। एकाउंटेंट इसरार अहमद का कथित फर्जीवाड़े का यह कोई नया मामला नहीं है। आरोप है कि इसरार अहमद कोतवाली ब्लाक के 10 लाख के कथित गबन के मामले में शामिल हैं। जिसको लेकर एकाउंटेंट जेल में हैं।
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