- डीएम के निर्देश पर कार्यालय सील, सीसीटीवी कैमरा लगाया
- 15 से ज्यादा मामलों में की गई थी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले की बाल कल्याण समिति को शासन ने भंग कर दिया। अध्यक्ष सहित चार सदस्यों को हटा दिया है। बिना अधिकार बच्चों को गोद देने, नाबालिगों लड़कियों के मामले में गलत निर्णय लेने, पक्षकारों से मिलीभगत कर गलत लाभ लेने सहित कई आरोपों में यह कार्रवाई हुई है। डीएम ने नायब तहसीलदार को भेजकर कार्यालय को सील करा दिया। कार्यालय के बाहर सीसीटीवी कैमरा भी लगवा दिया गया है।
राज्य बाल संरक्षण आयोग और शासन में बिजनौर बाल कल्याण समिति की शिकायत की गई थी। नाबालिग लड़कियों, बच्चों से जुड़े निर्णयों में भेदभाव करने, पक्षकारों को अनुचित लाभ लेकर फायदा पहुंचाने समेत करीब 15 बिंदुओं पर शिकायत थी। डीएम अंकित अग्रवाल ने एडीएम न्यायिक दीपाली भार्गव की अध्यक्षता में एएसपी सिटी और डीपीओ की संयुक्त जांच समिति बनाई।
जांच समिति ने जांच में आरोपों को सही पाया। डीएम ने इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी। शासन ने बाल कल्याण समिति अध्यक्ष धर्मपाल सिंह, सदस्य सविता शर्मा, डॉ. शालिनी सिंह, सुषमा शर्मा को तत्काल प्रभाव से पद से मुक्त कर दिया। डीएम अंकित अग्रवाल ने बताया कि शासन के आदेश प्राप्त हुए हैं। इसके बाद बाल कल्याण समिति का कार्यालय सील कर दिया गया है।