अफसरों से दूरी पूछी और गाड़ी में सवार हो गए सीएम
बिजनौर। अफसरों से पूछा बिजनौर कितनी दूर है। किलोमीटर का पता लगते ही सीएम योगी आदित्यनाथ ने हेलीकॉप्टर छोड़ दिया। हेलीकॉप्टर में बैठने के बजाय सीएम गाड़ी में सवार हो गए। जिसके बाद उन्हें सड़क मार्ग से जिला मुख्यालय लाया गया। जबकि हेलीकॉप्टर खाली उड़कर ही नई पुलिस लाइन से पुरानी पुलिस लाइन पहुंचा।
हुआ यूं कि नई पुलिस लाइन में शनिवार शाम सीएम ने जनसभा को संबोधित किया। इससे पहले मालन नदी में पूजन और पुलिस लाइन की बैरक का उद्घाटन कर चुके थे। जनसभा खत्म हुई तो सीएम योगी आदित्यनाथ ने अफसरों से पूछा कि बिजनौर कितनी दूर है। अफसरों ने बता दिया कि चार से पांच किलोमीटर। इस पर सीएम योगी आदित्यनाथ बोले कि गाड़ी से नहीं जा सकते क्या। फिर क्या था अफसरों ने आनन फानन में व्यवस्था को ही बदल दिया। नई पुलिस लाइन से मंडावर मार्ग पर बिजनौर तक जगह-जगह पुलिस तैनात कर दी गई। आखिरकार गाड़ी से ही सीएम को जिला मुख्यालय लाया गया। जिला मुख्यालय पहुंचकर उन्होंने कलक्ट्रेट के नए सभागार का उद्घाटन किया। रात्रि विश्राम लोक निर्माण विभाग के गेस्ट हाउस में किया। जिला मुख्यालय से विदुर कुटी तक भी सीएम ने गाड़ी में ही सफर किया। हालांकि उनके काफिले की एक गाड़ी रास्ते में ही खराब होकर बंद हो गई थी।
सुबह में दलिया और हलवा खाया
शनिवार की शाम सीएम योगी आदित्यनाथ ने विधायकों के संग भोजन किया था। उन्हें दम आलू, शाही पनीर, रोटी, चावल और खीर परोसी गई। रविवार सुबह उन्होंने तीस मिनट तक अखबार पढ़े। इसके बाद उन्होंने नाश्ते में दलिया और सूजी के हलवे का सेवन किया। फिर निकल लिए कलक्ट्रेट सभागार की ओर, जहां उद्यमियों के साथ संवाद किया।
18 घंटे जिले में रहे मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने जिले में 18 घंटे का वक्त बिताया। रविवार को सवा 11 बजे वे मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करने के बाद रामपुर के लिए रवाना हो गए। उनके जाते ही अफसरों ने राहत की सांस ली। बता दें कि उनके दो दिवसीय दौरे को लेकर अधिकारी और कर्मचारी कई दिनों से तैयारियों में लगे हुए थे।
बिजनौर के गांव स्वाहेड़ी में सीएम योगी आदित्यनाथ को देखने के लिए खड़े ग्रामीण।- फोटो : BIJNOR