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Bijnor News: जिला अस्पताल से लिया एंटीबायोटिक दवा का नमूना फेल

Wed, 10 May 2023 11:52 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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बिजनौर। भले ही मरीजों का अच्छा उपचार करने का दावा किया जा रहा हो, मगर सरकार अस्पतालाें में भी दवाइयों के नाम पर सिरप में पानी दिया जा रहा है। वेयर हाउस से लिया गया एंटीबायोटिक सेफिक्सिम सिरप का नमूना जांच में फेल हो गया। इसमें मात्र 16 प्रतिशत ही दवा का साल्ट मिला। सरकारी अस्पतालों के लिए यह दवाई यूपी चिकित्सा आपूर्ति निगम से भेजी गई थी। बच्चों को दी जाने वाली इस दवा से बच्चों का मर्ज ठीक होने के बजाय बढ़ जाएगा।
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जिले में लगातार दवाइयों के नमूने फेल हो रहे हैं। ज्यादातर एंटीबायोटिक दवाइयों में ही गड़बड़ी मिल रही है। अभी तक तो मेडिकल स्टोर से ली गई दवाइयों के नमूने ही जांच में फेल आ रहे थे। मगर अब सरकारी अस्पतालों में वितरित होने वाली दवाइयों के नमूने भी जांच में फेल होने लगे हैं। फरवरी 2023 को औषधि निरीक्षक ने बिजनौर के यूपी चिकित्सा आपूर्ति निगम वेयरहाउस से सेफिक्सिम सिरप का नमूना लिया था। यह दवाई रामसन रेडिमेज अमृतसर कंपनी में बनाई गई थी।
सिरप में मानक के अनुसार साल्ट नहीं मिला है। इस दवा के पांच एमएल के नमूने में केवल 16.57 प्रतिशत ही साल्ट मिला है। जबकि इस नमूने 90 से 120 प्रतिशत साल्ट मिलना चाहिए था। चिकित्सकों का कहना है कि सही मात्रा में साल्ट नहीं होने से बच्चों की बीमारी घटने के बजाय बढ़ जाएगी।
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इन दो एंटीबायोटिक दवाओं के नमूने भी आए फेल

मिली जानकारी के मुताबिक 10 फरवरी 2023 को मोक्सो-625 का नमूना न्यू चौधरी मेडिकोज, बिजनौर से लिया गया था। यह दवाई एस्ट्रोन फार्मास्युटिकल प्राइवेट लिमिटेड, मेरठ की कंपनी ने बनाई थी। जांच में इस दवाई में मानक के अनुसार साल्ट नहीं मिला है। वहीं, सुपर मेडिकल हाल से 10 फरवरी 2023 को निपोड-50 एंटीबायोटिक का नमूना लिया गया था। जो जांच में फेल आया है। यह दवाई एलवी लाइफ साइंस वीपीओ गुरमाजरा बद्दी, सिलोन की कंपनी ने बनाई थी।




साल 2022-23 तक फेल हुए नमूने

मई 2022 में फेल हुए नमूने -

- एमोक्सीसिलिन

नवंबर 2022 में जांच में इन दवाओं में गड़बड़ मिली

-एसिक्लोफेनाक

-पेरासिटामोल

जनवरी 2023 में जांच में फेल हुई दवाएं
-एमोक्सीसिलिन (दो नमूने)
-मोडेक्स-200
-मोक्सम-एजेड
-लैक्सिमो टेबलेट
-रबी डीएसआर

फरवरी 2023 में जांच में दर्द निवारक दवाई में गड़बड़ी मिली

-एसीरेम-एसपी टेबलेट

मार्च 2023 में जांच में इन दवाओं के नमूने फेल

-एक्यूफिक्स-50 टेबलेट

-जिन्क्सो-625 सीवी टेबलेट

-जेनफी-ओ
-मैक्सिम-ओ एलबी

मई 2023 में जांच में मिली अधोमानक मिली दवाइयां-

-सेफिक्सिम सिरप

-मोक्सो-625

-निपोड-50

बच्चे की तबीयत ठीक होने के वजाय बिगड़ जाएगी : डॉ. सुरेंद्र सिंह

मेडिकल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेंद्र सिंह का कहना है कि यह एक एंटीबायोटिक दवा है। दवाई में सही साल्ट नहीं होने से बच्चे की बीमारी ठीक नहीं होगी, बल्कि बढ़ जाएगी। आराम नहीं मिलने से चिकित्सक हाई डोज देगा। जिससे खतरा बढ़ जाता है। अगर अस्पताल में यह दवाई नकली मिली है, तो बहुत गंभीर बात है।

मरीज का संक्रमण नहीं होगा ठीक: डॉ. राहुल विश्नोई

चिकित्सक डॉ. राहुल विश्नोई ने बताया कि अगर दवाई में मानक के अनुसार साल्ट नहीं मिलता है तो बीमारी ठीक नहीं होगी। व्यक्ति जिस संक्रमण की चपेट में है, वह ठीक होने के बजाय शरीर को और अधिक प्रभावित करेगा। सही दवाई नहीं मिलने पर मरीज भी खुद को ठगा महसूस करता है।

आंतों का संक्रमण ठीक करने में दी जाती है दवाई : डॉ. दिपेंद्र सिंह

बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दिपेंद्र सिंह ने कहा कि सेफिक्सिम सिरप आमतौर पर आंतों के संक्रमण को ठीक करने के लिए दिया जाता है। अगर दवाई भी जांच में नकली आ रही है तो इसके सेवन से बच्चों की तबीयत में कोई सुधार नहीं होगा। पीलिया, निमोनिया, डायरिया, टाइफाइड बीमारी ठीक करने में दिया जाता है।


वेयरहाउस में लखनऊ निगम से दवाइयों की आपूर्ति की जाती है। अगर अस्पताल में इस समय उस बेच का सेफिक्सिम सिरप होगा तो उसे तुरंत ही बंद करा दिया जाएगा। मानक के अनुसार साल्ट नहीं होने से मरीज की तबीयत बिगड़ सकती है - डॉ. मनोज सैन, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, बिजनौर



जिला बिजनौर यूपी चिकित्सा आपूर्ति निगम वेयरहाउस से लिया गया सेफिक्सिम सिरप का नमूना जांच में नकली पाया गया है। इस संबंध में निगम को पत्र भेजा जा रहा है। कंपनी के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी चल रही है। दो अन्य एंटीबायोटिक दवाइयों के नमूने फेल आए हैं - उमेश भारती, औषधि निरीक्षक, बिजनौर
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