- जिले के 44 वन कर्मियों ने हस्ताक्षर कर पत्र प्रमुख वन संरक्षक को भेजा
-अभद्रता करने वालों पर कार्रवाई की मांग की
-सहायक वन कर्मचारी संघ ने भी लिया घटना का संज्ञान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अमानगढ़ के पास केहरीपुर में निर्माण को लेकर हुए विवाद में डीएफओ के साथ अभद्रता के मामले में वन कर्मियों ने गुस्सा बढ़ने लगा है। जहां जिले के 44 वन कर्मियों ने एक हस्ताक्षरयुक्त पत्र प्रमुख वन संरक्षक को भेजते हुए कार्रवाई की मांग की है। वहीं उप्र सहायक वन कर्मचारी संघ ने भी इस मामले में उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है। उधर पिछले दो दिन से डीएफओ डॉ.अनिल पटेल लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं।
अमानगढ़ के पास भवन निर्माण को लेकर विवाद हो गया था। यह विवाद दो पक्षों में नहीं, बल्कि अब त्रिकोणीय हो गया है। इसमें एक पक्ष बढ़ापुर विधायक और उसके व्यक्तिगत सहायक बने हुए हैं, वहीं दूसरा पक्ष निर्माण करने वाला लव कुमार है। इनमें जहां विधायक निर्माण नियम के विपरीत होने का आरोप लगा रहे हैं और इसकी शिकायत लखनऊ तक कर चुके हैं। वहीं दूसरी ओर लव कुमार अनुचित दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए धरने पर कलक्ट्रेट में बैठ चुके हैं। इन दोनों के अतिरिक्त डीएफओ डॉ.अनिल पटेल खुद के साथ अभद्रता होने का आरोप लगाते हुए पिछले दो दिन से लखनऊ में डेरा डाले हुए हैं।
शनिवार को डीएफओ के पक्ष में जिले के 44 वनकर्मियों ने प्रमुख वन संरक्षक को पत्र लिखा। पत्र में डीएफओ से अभद्रता करने वालों पर कार्रवाई की मांग की। वहीं उप्र सहायक वन कर्मचारी संघ ने भी प्रधान मुख्य वन संरक्षक को पत्र लिखकर इस मामले के बारे में बताया है।
इस मामले में जहां बढ़ापुर विधायक सुशांत सिंह का कहना है कि डीएफओ द्वारा लगाए गए आरोप निराधार थे और कोई अभद्रता नहीं हुई थी। उनके आचरण की जांच के लिए वन विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की जा चुकी है। जांच में दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा।
उधर डीएफओ डॉ. अनिल पटेल का कहना है कि मैं अभी लखनऊ में हूं। विभाग के उच्चाधिकारियों और एसोसिएशन को खुद के साथ हुई अभद्रता की घटना से अवगत करा दिया है। पुलिस अफसरों को पहले ही पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कार्रवाई की कोई सूचना नहीं है।