बिजनौर। शहर की चेयरपर्सन ऐसी हो, जो खुद ही कामकाज संभाले, उसके पति के हाथों में बागडोर नहीं होनी चाहिए। यह बात बड़ी बेबाकी के साथ महिलाओं ने रखी। महिलाओं ने तर्क दिया कि अगर बिजनौर पालिका की अध्यक्ष पद की सीट महिला वर्ग के लिए आरक्षित हुई है तो कुर्सी पर भी महिला दिखाई दे, क्योंकि महिला पद पर सिर्फ कागजों में ही रहती है। काम उनकी जगह परिवार के लोग करते हैं। प्रमुख जगहों पर सार्वजनिक शौचालय नहीं होने से महिलाओं को होने वाली परेशानी का मुद्दा भी उठाया।
शक्ति से जजी मार्ग, पालिका चौराहे पर जाम का समाधान निकलना चाहिए। ट्रैफिक सिग्नल लाइट खराब पड़ी हैं। बिना रजिस्ट्रेशन दौड़ रही ई-रिक्शाओं से भी जाम लग रहा है। समस्याओं के समाधान नहीं हो पाते कि पांच साल बाद चेयरमैन बदल जाता है - सुमन चौधरी, समाजसेविका
चुनाव जीतने वाले उम्मीदवार बाद में भी मोहल्ले में आएं और समस्याओं को जानें। क्योंकि चुनाव से पहले वह मतदाताओं को ढूंढता है और बाद में जनता को उन्हें ढूंढना पड़ता है। विकास के साथ कॉलोनियों में पौधारोपण भी होना चाहिए - फूलमाला, आचार्या
नेता तो बड़ी गाड़ियों से निकल जाते हैं, जिन्हें सड़कों के गड्ढे दिखाई नहीं देते। आम लोगाें को गड्ढों से परेशानी होती है, सड़क हादसे होते हैं। कूड़े का निस्तारण भी सही होना चाहिए। स्कूल खुलने और छुट्टी के समय बड़े वाहनों पर रोक लगे - जया अग्रवाल, अभिभावक संघ
शहर में यातायात की बड़ी समस्या है। चक्कर रोड पर जाम लगने से परेशानी होती है। रात में नौ बजे के बाद ही शहर में बड़े वाहन दौड़ने लगते हैं। इन्हें रात में दस बजे के बाद शहर में एंट्री मिलनी चाहिए - मिनाक्षी शर्मा, समाजसेवी
पार्किंग नहीं होने की वजह से कॉलानियों में लोग घरों के बाहर ही सड़क पर गाड़ी करते हैं। जो झगड़ों का कारण बनते हैं। शहर में पार्किंग की सबसे ज्यादा जरूरत है। बाजार में भी कहीं पार्किंग नहीं है - शशी शर्मा
आवास विकास कॉलोनी में सड़कों की सबसे ज्यादा दिक्कत है, सड़कें गहरी हो गई हैं। बरसात में नालियां उफन जाती हैं और सड़कों पर जलभराव होता है। कॉलोनी में बिजली के तार झुके हुए हैं, जिनके गिरने का खतरा रहता है - सीमा भारती, अभिभावक संघ
वास्तव में महिला सशक्तीकरण दिखाई देना चाहिए। सीट महिला वर्ग के लिए आरक्षित है तो सीट पर भी महिला ही दिखाई दे और कामकाज करे। क्योंकि उनकी जगह उनके परिवार के लोग काम करते हैं। शहर में अधिकांश जगह सार्वजनिक शौचालय नहीं हैं - उषा शर्मा
उम्मीदवार वोट हासिल करने तक ही विकास का वादा करते हैं, बाद में मुकर जाते हैं। नई आबादी जो पालिका में शामिल हुई है, उसमें काफी सड़कें आज तक नहीं बनी हैं। इंटरलॉकिंग की जगह सीसी रोड बननी चाहिए - संध्या अग्रवाल
जो भी उम्मीदवार वोट मांगने के लिए जा रहे हैं अभी समाजसेवा का दावा कर रहे हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद इनका तौर तरीका बदल जाता है। सबसे पहले चाहिए कि पूरे शहर मेें सिग्नल लाइट लगें - सविता अग्रवाल
चामुंडा देवी मंदिर की तरफ जाने वाले रास्ते में बरसात के दिनों में पानी भर जाता है। लोगों का निकलना मुश्किल रहता है। इस रास्ते पर आज तक किसी भी चेयरमैन ने ध्यान नहीं दिया - उमा अग्रवाल
सही उम्मीदवार का चयन नहीं करेंगे तो समस्या बनी रहेगी। लोग जातिवाद से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। बरसात में जलभराव की समस्या आम है। पालिका की सीमा में जो 13 गांव की आबादी शामिल हुई है, उसमें विकास होना चाहिए - संगीता अग्रवाल
कृष्णा मार्केट में तारों का जाल फैला हुआ है। तार जर्जर हैं, इनका समाधान हो तो बात बने। साथ ही शक्ति चौराहे के आस पास पार्किंग बन जाए तो सड़कों पर वाहन खड़े करने से निजात मिल जाएगी - अंजना पाल