अमर उजाला अभियान : आंकड़ों में नरम, हकीकत में बुखार से तप रहे गांव
बिजनौर। जिले में बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। कई गांव बुखार से तप रहे हैं। जिले में मलेरिया विभाग की टीम को डेंगू के लार्वा और मच्छर भी मिल रहे हैं, लेकिन डेंगू के शून्य हैं। सितंबर माह में जिले के तीन गांव बुखार से तप रहे हैं। इनमें चार लोगों की भी मौत हो गई है।
फीना में हुई थी दो बच्चों की मौत
सितंबर माह के पहले सप्ताह में फीना के गांव में कक्षा आठ के दो बच्चों की मौत हो गई थी। गांव के ज्यादातर लोग बुखार की चपेट में थे। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक दोनों बच्चों को बुखार के अलावा दूसरी बीमारी भी थी। बुखार का प्रकोप फैलने की वजह से गांव में प्राइवेट स्कूल संचालकों ने दो दिन के लिए स्कूल बंद कर दिए थे। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग ने तीन दिन तक जांच शिविर भी लगाया था। जांच शिविर में एक भी डेंगू का मरीज नहीं मिला।
गांव किशनपुर में भी युवक ने दम तोड़ा
चंदक क्षेत्र के गांव किशनपुर में अमित (25) पुत्र राकेश की 15 सितंबर को बुखार से मौत हो गई थी। मिली जानकारी के मुताबिक अमित मुरादाबाद से बुखार में ही अपने गांव किशनपुर आया था। जांच कराने पर अमित की प्लेटलेट्स कम आई थीं। तबीयत ज्यादा खराब होने पर उसे चंदक के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इसके बाद बिजनौर के एक अस्पताल में भर्ती कराया। हालत में कोई सुधार न होने की वजह से परिजन उसे जोलीग्रांट ले गए, जहां उसकी मौत हो गई। गांव में दर्जनों परिवार बुखार से पीड़ित थे।
पैजनिया में दर्जनों परिवार बुखार की चपेट में
जिले का गांव पैजनिया भी बुखार से तप रहा है। दर्जनों परिवार बुखार की चपेट में हैं। पैजनिया क्षेत्र के ही गांव सैलपुरा बमनौला निवासी जस्सी पुत्री अरविंद की 21 सितंबर को बुखार के चलते मौत हो गई थी। गांव के ही निजी अस्पताल में उसका इलाज चल रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में ज्यादातर लोग बुखार की चपेट में हैं। चिकित्सकों का कहना है कि इन दिनों वायरल का प्रकोप बढ़ रहा है। जिसकी चपेट में गांव के ज्यादातर लोग हैं।
बुखार की चपेट में रहा 13 दिन : मुकेश
गांव फीना निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि वह 13 दिन बुखार की चपेट में रहे। बुखार की चपेट में होने से उनका कंप्यूटर सेंटर भी बंद हो गया था। गांव के ज्यादातर लोग बुखार की चपेट में थे। अब हालात कुछ सामान्य हैं।
गांव के ज्यादातर लोग बुखार की चपेट में रहे : वीरेंद्र
गांव फीना निवासी वीरेंद्र सिंह का कहना है कि वह किसान हैं। गांव में फैली बुखार की बीमारी में वह चपेट में आए। वह करीब सात दिन बुखार से ग्रसित रहे। वह स्वस्थ हैं और अपनी खेती कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी गांव में जांच शिविर लगाकर दवाई दी थी।
अब हालत धीरे-धीरे हो रहे सामान्य : हरपाल
गांव पैजनिया निवासी शिक्षक हरपाल सिंह ने बताया कि अधिकांश घर बुखार की चपेट में थे। अब हालत धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। हालांकि अभी भी कुछ लोग बुखार से ग्रसित हैं। बीते सप्ताह बुखार से गांव की स्थिति काफी गंभीर थी।
गांव में रखा जा रहा साफ-सफाई का ध्यान : नंद किशोर
पैजनिया ग्राम प्रधान नंद किशोर फौजी ने कहा कि गांव में साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। अब स्थिति काफी नियंत्रण में है। चिकित्सा विभाग नूरपुर की टीम ने गांव में शिविर लगाकर सैंपल लिए थे।
जिले के तीन गांवों में बुखार का प्रकोप था। इन गांवों में दो बच्चों सहित चार की मौत भी हो गई है। मगर अब हालात सामान्य हैं। गांवों में बुखार का प्रकोप होने की वजह से जांच शिविर भी लगाया था। जिला अस्पताल में जांच कराने पर बुखार से ग्रसित मरीज की रिपोर्ट सामान्य आ रही है। उनमें प्लेटलेट्स की कमी भी नहीं है - डॉ. विजय कुमार गोयल, सीएमओ