बिजनौर। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में सब कुछ ठीक रहा तो कार्बेट पार्क के साथ ही यहां भी पर्यटन शुरू हो जाएगा। 15 नवंबर से वन अधिकारी पर्यटन शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए 15 गाइड और 8 जिप्सी भी तैयार हो चुकी हैं। अब केवल इंतजार है, तो शासन से मिलने वाले बजट का, ताकि केहरीपुर में रिसेप्शन, टिकट काउंटर और कुछ मूलभूत सुविधाओं का इंतजाम किया जा सके। वहीं दूसरी ओर वन विभाग इसकी वैकल्पिक व्यवस्था करने की तैयारी भी कर रहा है। वहीं दुधवा और पीलीभीत से कुछ कम फीस अमानगढ़ में एंट्री के लिए तय होने की संभावना है।
अमानगढ़ वन रेंज बिजनौर को पर्यटन के मानचित्र पर विशेष स्थान दिलाने के लिए तैयार हो रही है। वन अफसरों की माने तो 15 नवंबर से जिम कार्बेट पार्क का पर्यटन सीजन शुरू होता है, उसी के साथ यहां भी पर्यटन का उद्घाटन हो सकता है। अभी तैयारियों की बात करें तो 8 खुली जिप्सी पर्यटकों को अमानगढ़ की सैर कराने के लिए तैयार हो चुकी हैं। पांच जिप्सी सुबह और पांच जिप्सी को शाम के समय जंगल में एंट्री दी जाएगी। इसके अलावा 15 गाइड का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। सब कुछ ठीक रहा तो इस बार पर्यटन शुरू हो जाएगा।
इको पर्यटन डेवलपमेंट कमेटी का गठन होगा
डीएफओ डॉ.अनिल पटेल ने बताया कि अमानगढ़ पर्यटन से जो भी कमाई होगी, वह ईको पर्यटन डेवलपमेंट कमेटी के खाते में जाएगी। इसका गठन जल्द हो जाएगा। इस पैसे से केहरीपुर गांव के आसपास विकास, पर्यटन के लिए जरूरी इंतजाम करने पर होगा। यही कमेटी और अफसर मिलकर फीस भी तय करेंगे।
अभी इन चीजों की है जरूरत
भले ही पर्यटन शुरू करने की तैयारी चल रही है, लेकिन अभी तक केहरीपुर में रिसेप्शन, शौचालय, कैंटीन, पार्किंग की व्यवस्था नहीं हो पाई है। वन विभाग ने इसके लिए साढ़े पांच करोड़ का बजट शासन से मांगा है, जो अभी तक नहीं मिला है। ऐसे में इस बार वैकल्पिक व्यवस्था के साथ ही पर्यटन शुरू होने की संभावना है।
यह खास है अमानगढ़ में
अमानगढ़ का रकबा एक लाख बीघा जमीन से अधिक है। उत्तराखंड बनने से पहले यह जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क का ही हिस्सा था। यहां बाघ, गुलदार, हाथी, चीतल आदि बहुत संख्या में हैं। अमानगढ़ के पास ही पीली बांध है, जहां पर सर्दियों में हजारों प्रवासी पक्षियों का बसेरा रहता है, जो खुद में एक बेहतरीन पर्यटक स्थल है।
अमानगढ़ एक नजर में
रकबा 9580 हेक्टेयर
बाघ 27
गुलदार 45
चिकारा 06
काला हिरन 50
सांभर 226
बारहसिंगा 37
भालू 9
मोर 1074
नोट: आंकड़े वन विभाग से लिए गए हैं।
हाथियों के झुंड को देख उत्साहित है वन विभाग
अमानगढ़ में इस समय हाथियों का बड़ी संख्या में बसेरा है। कुछ दिन पहले ही पीली डैम में 50 से ज्यादा हाथियों का झुंड एक साथ दिखाई दिया, जिसकी वीडियो ग्रामीणों ने बना ली। अमानगढ़ में भी वन अधिकारियों का रोजाना हाथियों से सामना हो रहा है। इस समय अमानगढ़ में हाथियों की संख्या सौ से ज्यादा होने की संभावना है।