विभागों ने नहीं निभाई जिम्मेदारी
वन विभाग की माने तो उन्हें जंगल के अंदर तैयारी करनी थी, जो लगभग हो चुकी है। बाहर टिकट काउंटर, पार्किंग, कैंटीन, शौचालय के लिए शासन से बजट का इंतजार है। इसके अलावा जिला पंचायत को गेस्ट हाउस, पीडब्ल्यूडी को अमानगढ़ गेट तक सड़क, पंचायत विभाग को सुंदरीकरण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इन विभागों ने इन कार्यों पर ध्यान ही नहीं दिया है।
छह जिप्सी का रजिस्ट्रेशन, 14 नेचर गाइड भी आए
अमानगढ़ में 15 नवंबर से पर्यटन शुरू होने का दावा किया जा रहा है। दस में से छह जिप्सी का पंजीकरण हो चुका है और 14 नेचर गाइड भी तैयार हो चुके हैं। जिप्सी क संख्या बढ़ाकर दस करने की तैयारी भी चल रही है।
टाइगर कंजरवेशन प्लान अनुमति के लिए भारत सरकार को भेजा
अमानगढ़ का टाइगर कंजरवेशन प्लान करीब दस साल पहले तैयार हो गया था। इस प्लान को अनुमति के लिए अभी तक भारत सरकार के पास नहीं भेजा गया था। कुछ समय पहले ही इसे भेजा गया, अभी अनुमति नहीं मिली है। यदि इसे अनुमति मिलती है तो अमानगढ़ में विकास के लिए काफी बजट मिलने की उम्मीद भी बढ़ जाएगी।
अमानगढ़ में हाथी, Elephant
- फोटो : अमर उजाला
15 नवंबर से पर्यटन शुरू करना है: डीएफओ
डीएफओ डॉ.अनिल पटेल ने बताया कि अमानगढ़ में 15 नवंबर से पर्यटन शुरू करने की तैयारी चल रही है। रास्ते ठीक कराए जा रहे हैं, समिति का गठन भी हो चुका है। पांच सुबह और पांच जिप्सी को शाम के समय अमानगढ़ में एंट्री दी जाएगी।
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जंगल में दिख रही पैंगोलिन और हाथियों के झुंड
वन विभाग की टीम दिन और रात दोनों समय अमानगढ़ में गश्त कर रही। इस दौरान टीम को खूब वन्य जीव भी दिखाई पड़ रहे हैं। जहां हाथियों के झुंड में छोटे बच्चे भी नजर आ रहे हैं, वहीं घने जंगल में पैंगोलिन भी दिख रही है। इसे देख वन अधिकारी उत्साहित हैं।