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बिजनौर के संग मुरादाबाद में भी खपाया गया नकली खाद

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नहटौर। फैक्टरी में नकली खाद बनाकर जिले में ही आपूर्ति नहीं किया गया, बल्कि मुरादाबाद तक खपाया गया। अब फैक्टरी पकड़ी गई तो यह भंडाफोड़ हुआ। इफ्को और कृभकों के नाम पर नकली खाद बनाकर आरोपियों ने किसानों को भी धोखा देने काम किया। फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी को पकड़कर चालान कर दिया है। उधर नकली खाद व दवाईयों के कारोबार होने से विभाग की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है। भाकियू के कार्यकर्ताओं ने कृषि विभाग के अफसरों पर सवाल उठाते हुए हंगामा किया। एक सप्ताह पूर्व ही जिले के अधिकारियों ने नहटौर में चेकिंग भी की थी। तब यह फैक्टरी या नकली खाद पकड़ में नहीं आ सका।
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नहटौर की रहमत नगर कॉलोनी एक किराये के मकान में पुलिस के दो सिपाहियों ने नकली खाद व कीटनाशक दवाईयों के कारोबार को पकड़ा था। पुलिस ने कृषि विभाग को सूचना देने से पहले एसडीएम धामपुर को अवगत कराया। जिसके बाद बीडीओ को बताने पर ब्लॉक के कर्मचारियों ने कृषि विभाग के अधिकारियों को बताया। कृषि विभाग के जिम्मेदार अफसरान को घंटों बाद इस प्रकरण का पता चला। जिला कृषि अधिकारी ने पहुंचकर नकली खाद व दवाईयों के कारोबार करने के आरोप में संचालक अनुराग जैन व काम करने वाले दो मजदूर कामिल व सरफराज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। फैक्टरी को सील करने के दौरान भाकियू टिकैत गुट के कार्यकर्ताओ ने कृषि विभाग के जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए कहा कि इतने बड़े पैमाने के कारोबार का आखिर कृषि विभाग के अधिकारियों को पता कैसे नहीं लगा। पुलिस ने अनुराग जैन को गिरफ्तार कर चालान कर दिया। पुलिस के मुताबिक पैकिंग किए जा रहे माल को मुरादाबाद क्षेत्र में सप्लाई किया जा रहा था।ज्यादातर उत्पाद इफ्को के बनाए जा रहे थे।
सालों से चल रहा नकली खाद का धंधा
एक सप्ताह पूर्व ही नहटौर में कृषि विभाग की टीम ने चेकिंग अभियान चलाया था। इसके बावजूद भी कृषि विभाग को इस कारोबार की भनक तक नही लगी। पुलिस के दो सिपाहियों ने इस कारोबार का भंडाफोड़ किया है। सूत्रों का कहना है कि सालों से यह नकली खाद का धंधा चल रहा था।
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भाकियू के दबाव में एक दुकान भी सील
भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष संजीव चौधरी के नेतृत्व में किसानों ने प्रदर्शन करते हुए फैक्टरी के अलावा कृषि विभाग के अधिकारियों से एक दुकान को भी सील कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि विभाग चेकिंग के नाम पर हर छह महीने में दुकानदारों से वसूली करके चेकिंग के नाम पर खानापूर्ति कर देती है। इसके अलावा पूरे प्रकरण को लेकर पुलिस को एक ज्ञापन भी दिया।
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