स्योहारा के गांव मकसूदपुर में राशन कोटे की दुकान के चयन के लिए धांधली का आरोप लगाती महिलाएं।
- फोटो : BIJNOR
स्योहारा। ब्लॉक क्षेत्र के गांव मकसूदपुर में सस्ते गल्ले की दुकान के चयन में एडीओ पर धांधली का आरोप लगाया गया। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने बीडीओ से जांच कराकर सस्ते गल्ले की दुकान के चयन में पारदर्शिता की मांग की।
गांव मकसूदपुर मे दीक्षा स्वयं सहायता समूह की राजवती देवी, कौशल देवी, उषा देवी, हरकली देवी, उषा रानी, शीला देवी, राजेश्वरी देवी, ओमवती देवी, रेखा देवी आदि ने बालाजी समूह में अनियमितता के चलते समूह में संख्या बढ़ाए जाने का आरोप लगाया। मई माह में गांव की सस्ते गल्ले की दुकान को निरस्त कर दिया गया था। शासन के आदेश के अनुसार सस्ते गल्ले की दुकान निरस्त होने के बाद कोटे के संचालन में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को वरीयता दी जा रही है।
मकसूदपुर में 22 स्वयं सहायता समूह है, जिसमें से 6 स्वयं सहायता समूह संचालित है। इनमें दीक्षा समूह 2014 में बनाया गया था। जबकि बालाजी समूह 2019 में बनाया गया था। अब सस्ते गल्ले की दुकान के संचालन के चयन को लेकर बालाजी समूह द्वारा अनियमितता के चलते घर व परिवार की महिलाओं को समूह से जोड़ा गया, ताकि वह समूह की महिलाओं की संख्या बढ़ा सकें और धांधली कर कोटा ले सके। जबकि एक माह पूर्व इस समूह की महिलाओं की संख्या 13 थी, जिसे बढ़ाकर अब 16 कर दी गई है। जबकि दूसरे समूहों को गुमराह किया गया कि अब समूह में महिलाओं की संख्या नहीं बढ़ाई जाएगी।
कोटे के लिए कागजों पर बैठक कराकर चयन कराने की शिकायत अफसरों तक पहुंची है। ऐसे में अब कोटे के चयन में पारदर्शिता बरतने पर जोर दिया जा रहा है। महिलाओं ने मामले की जांच कराकर नियमानुसार कोटेदार का चयन कराने की मांग की। इस सम्बन्ध में खंड विकास अधिकारी रामकुमार सिंह का कहना है कि मामले की जाँच करा कर पूरी पारदर्शिता से राशन की दुकान का चयन कराया जाएगा।