बिजनौर, अफजलगढ़। बाढ़ में टूटी नहर और नहर पटरी की मरम्मत में मानकों की अनदेखी का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। आरोप है कि मिट्टी की जगह नदी का रेत इस्तेमाल किया जा रहा है, उन्होंने विरोध प्रदर्शन करते हुए डीएम से जांच कर मानक के अनुसार सामग्री का प्रयोग कराने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई कराए जाने की मांग की है।
गांव भटपुरा, शाहपुरजमाल और आलमपुर गांवड़ी वासियों का कहना है कि गांव भटपुरा शाहपुरजमाल के बीच बनैली नदी के समीप बरसात के दिनों में बाढ़ आने से नहर व सड़क क्षतिग्रस्त हो गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि सिंचाई विभाग की ओर से नहर की मरम्मत का कार्य कराया जा रहा है, ग्रामीणों के अनुसार नहर की मरम्मत में पटरी बनाई जा रही है जिसमें मिट्टी का प्रयोग न करते हुए नदी से ही रेत उठाकर डाली जा रही है।
पूर्व में भी बाढ़ आने से नहर क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसमें सिचाई विभाग की ओर से मना करने के बाद भी रेत का प्रयोग किया गया था। जो बनैली नदी में पहली बार पानी तेज आने से क्षतिग्रस्त हो गई थी। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार भी सिंचाई विभाग की ओर से मिट्टी के स्थान पर रेत का ही प्रयोग कराया जा रहा है। जिससे नहर फिर क्षतिग्रस्त हो जाएगी। इससे क्षुब्ध होकर ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन करते हुए डीएम से मानक के अनुरूप सामग्री का प्रयोग कराने तथा दोषियों के विरुद्ध जांच कराने की मांग की है।
विरोध प्रदर्शन करने वालों में शिवसेना के जिला प्रमुख संजय राणा, कुलदीप सिंह, महेन्द्र सिंह, अवतार सिंह, हेतराम सिंह, जितेन्द्र सिंह, तेजपाल सिंह, अतर सिंह, राम सिंह प्रेमराज, अनीस व अली हसन आदि सहित अनेक लोग रहे। इस संबंध में सिंचाई विभाग के एक्सईएन राकेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की बातें निराधार है मानक के अनुरूप ही सामग्री का प्रयोग कराया जाएगा इस के पश्चात उस स्थान पर पत्थरों की पिचिंग कराई जाएगी।