-ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर प्रॉपर्टी डीलर की हुई थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. विजय कुमार ने बहुचर्चित मनोज राणा हत्याकांड में पर्याप्त साक्ष्य नहीं होने के कारण सार्थक व अरुण कबाड़ी सहित सभी छह अभियुक्तों को बरी कर दिया है।
सेवानिवृत्त दरोगा रघुराज सिंह ने थाना कोतवाली शहर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका परिवार बिजनौर शहर में रहता है। उनका लड़का मनोज सार्थक चौधरी व अलीम के साथ प्रॉपर्टी का कार्य करता था, उसका कुछ दिन पहले इन दोनों से लेनदेन को लेकर विवाद हो गया था। इसके चलते ये दोनों मनोज से रंजिश रखते थे। मनोज ने इनसे जान को खतरा होने के बात अपने पिता से भी की थी। 22 जुलाई 2016 को मनाेज विपिन टेलर की दुकान पर जाने को कहकर गया था। रात्रि नौ बजे वह दुकान के बाहर स्कूटर पर बैठा था, तभी सार्थक चौधरी, अलीम व एक अन्य रिवाल्वर, पिस्टल लेकर दुकान पर आए। ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर मनोज की हत्या कर दी। इस घटना को काफी लोगों ने देखा था। नई बस्ती जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हुई मनोज की हत्या से सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने इस मामले में सार्थक चौधरी, अलीम, वरण कुमार, अनुभव, पंकज उर्फ बंटी व अरुण कबाड़ी के विरुद्ध हत्या व हत्या के षड्यंत्र में धारा 302, 120 बी के तहत चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले में अभियोजन पक्ष पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर सका, जिससे अपराध साबित हो। कोर्ट ने इस मामले में पर्याप्त सबूत नहीं होने के कारण सभी छह अभियुक्तों को दोष सिद्ध नहीं होने पर बरी कर दिया।