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Bijnor News: बिजनौर - दोबारा मांगा दवाइयों का भुगतान, दर्ज कराया केस

Thu, 17 Aug 2023 11:54 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
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शिमला के लिए खास
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- शिमला हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग को भेजा 30 लाख रुपये की रिकवरी का नोटिस
- साल 2016 में ही विभाग कंपनी को कर चुका है करीब पौने पांच लाख भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। हिमाचल प्रदेश की एक कंपनी ने स्वास्थ्य विभाग पर दवाइयों का भुगतान नहीं करने के मामले में कोर्ट में वाद दायर कराया है। जिसके बाद शिमला हाईकोर्ट की ओर से विभाग को 30 लाख रुपये की रिकवरी का नोटिस भेजा गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कंपनी को पहले ही भुगतान किया जा चुका है। भुगतान किए गए बिलों को लेकर ही वाद दायर किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग को हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के बद्दी में संचालित मेडिपोल नाम की कंपनी ने सत्र 2015-16 में आयरन सिरप सहित कुछ अन्य दवाइयां सप्लाई की गई थीं। सीएमओ का दावा है कि इसका भुगतान विभाग से तभी कर दिया था। अब कंपनी ने शिमला हाईकोर्ट में करीब पौने पांच लाख रुपये का दवाइयों का भुगतान नहीं करने का वाद दायर किया है। इस संबंध में हाईकोर्ट ने आर्बिटेशन अवार्ड के माध्यम से कॉमर्शियल कोर्ट मुरादाबाद को स्वास्थ्य विभाग बिजनौर से 30 लाख रुपये रिकवरी का नोटिस भेजा।
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इसके बाद कॉमर्शियल कोर्ट मुरादाबाद ने यह नोटिस स्वास्थ्य विभाग को भेजा। इसके बाद विभाग की ओर से कागजों की जांच पड़ताल की गई। कागजों में विभाग की ओर से कंपनी को करीब पौने पांच लाख रुपये का भुगतान होना पाया गया।

आयरन सिरप सहित मंगाई गई थीं अन्य दवाइयां
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जांच में सामने आया है कि मेडिपोल कंपनी ने फोलिक एसिड आयरन सिरप सहित कई अन्य दवाइयां सप्लाई की गई थीं। जिनके सभी बिलों का भुगतान साल 2016 में ही कर दिया गया था। दायर वाद में करीब एक लाख रुपये के बिल जिक्र किया गया है, उस बिल से संबंधित कोई जानकारी विभाग में नहीं है।
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वर्जन
मेडिपोल कंपनी ने दवाइयों का भुगतान नहीं करने का शिमला हाईकोर्ट में केस दर्ज किया है। मगर हमारी तरफ से पूरा भुगतान कंपनी को साल 2016 में ही कर दिया गया है। भुगतान के सभी कागजात कॉमर्शियल कोर्ट मुरादाबाद में जमा किए जा रहे हैं। जल्द ही कंपनी के खिलाफ भी फर्जी वाद दायर करने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी - डॉ. देवीदास, डिप्टी सीएमओ
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