- शासन ने बिजनौर की तहसीलों के सीमांकित रंगीन मानचित्र किए तलब
- दो दशक पुरानी है अफजलगढ़ को तहसील बनाए जाने की मांग
- जिले की सबसे बड़ी तहसील धामपुर का किया जाएगा विभाजन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले के नक्शे में एक और तहसील का खाका खिंचने जा रहा है। दरअसल, अफजलगढ़ ब्लॉक को तहसील का दर्जा देने की कवायद तेज हो चली है। इसके लिए बाकायदा धामपुर तहसील के रंगीन मानचित्र शासन ने तलब किया है। ऐसे में धामपुर तहसील से 78 ग्राम पंचायतों को अलग कर अफजलगढ़ तहसील का गठन कर दिया जाएगा।
शासन ने उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के सचिव को हाल ही में एक पत्र लिखा है, जिसकी एक प्रतिलिपि बिजनौर प्रशासन को प्रेषित की गई। इसमें अफजलगढ़ ब्लॉक को तहसील का दर्जा देने का हवाला देते हुए बिजनौर की तहसीलों खासकर धामपुर तहसील का सीमांकित रंगीन मानचित्र तलब किया गया है। बता दें कि धामपुर तहसील में इस वक्त करीब 900 गांव हैं, जोकि जनपद की सबसे बड़ी तहसील है। अफजलगढ़ ब्लॉक भी धामपुर तहसील में ही है। अफलगढ़ ब्लॉक में 78 ग्राम पंचायतें हैं।
धामपुर तहसील के दूर होने की वजह से अफजलगढ़ क्षेत्र के लोग दो दशक से भी अधिक समय से तहसील बनाने की मांग करते चले आ रहे हैं। बढ़ापुर विधायक सुशांत सिंह ने भी करीब पांच साल पहले सीएम योगी से मुलाकात कर इस मुद्दे को उठाया था। वहीं भाकियू भी लगातार आंदोलन और धरना प्रदर्शन करती रही है।
22 साल पहले धामपुर में शामिल हुआ था पूरा क्षेत्र
अफलगढ़ ब्लॉक के गांव पहले नगीना तहसील में हुआ करते थे। नगीना की दूरी अधिक होने और लोगों की परेशानी को देखते हुए तत्कालीन विधायक इंद्रदेव सिंह के प्रयास से अफजलगढ़ ब्लॉक का क्षेत्र धामपुर तहसील में शिफ्ट कर दिया गया था। उस वक्त तहसील तो बदली थी, लेकिन अफजलगढ़ तहसील का गठन नहीं हो सका था। एडीएम एफआर अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि धामपुर तहसील का रंगीन नक्शा बनवाया जा रहा है। वह शीघ्र शासन को भेज दिया जाएगा।
सपा सरकार में भी चली थी कवायद
भाकियू के ब्लॉक अध्यक्ष मदन सिंह राणा बनाते हैं कि अफजलगढ़ को तहसील बनाने की मांग पुरानी है। सपा सरकार के शासनकाल में भी तहसील गठन की फाइल राजस्व परिषद से शासन में पहुंच गई थी। हालांकि उस वक्त तहसील का दर्जा नहीं मिल पाया। बताते हैं कि अफजलगढ़ क्षेत्र के कुछ गांव की धामपुर से दूरी चालीस से पचास किलोमीटर तक है। किसी काम से तहसील जाने में ही पूरा दिन लग जाता है।
सीओ सर्किल है, तहसील और मंडी नहीं
पुलिस विभाग की बात करें तो अफजलगढ़ के लिए सीओ सर्किल है। पुलिस महकमे से संबंधित काम के के लिए लोगों को धामपुर आना नहीं पड़ता। अफजलगढ़ में स्थित सीओ ऑफिस में कामकाज होता है। जबकि तहसील और सब्जी मंडी से यह क्षेत्र अब तक अछूता है।
नगीना से भी कटेंगे 35 गांव
धामपुर तहसील में शामिल 173 गांव को अलग करते हुए अफजलगढ़ तहसील में शामिल किया जाएगा। वहीं नगीना तहसील से भी 35 गांव काटकर अफजलगढ़ तहसील में शामिल कर लिए जाएंगे। इस तरह कुल 208 गांव की अफजलगढ़ तहसील बनाई जाएगी। इसमें अफजलगढ़ ब्लॉक पूरा ही समाहित हो जाएगा, जबकि कोतवाली ब्लॉक का भी कुछ हिस्सा जाएगा। नवगठित तहसील में रेहड़ और अफजलगढ़ थाना रहेगा।
अफजलगढ़ को तहसील बनाने के संबंध में शासन से पत्र मिला है। शासन से धामपुर तहसील क्षेत्र का रंगीन नक्शा मांगा गया है। वह तैयार कराकर शीघ्र भेजा जाएगा। -अंकित कुमार अग्रवाल, डीएम