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छोईया में केमिकलयुक्त पानी डालने पर प्रशासन हुआ सख्त

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छोईया में केमिकलयुक्त पानी डालने पर प्रशासन हुआ सख्त
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बिजनौर। छोईया नदी में केमिकल वाला पानी डालने को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। डीएम ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को तलब किया है। फैक्टरी के कर्मचारी छोईया नदी तक पानी पहुंचाने वाले पाइप को समेटने में लगे रहे। जिससे सबूतों को ही मिटाया जा सके।
गंगा की स्वच्छता को लेकर सरकारें गंभीर है, लेकिन कुछ जिम्मेदारों की अनदेखी इस अभियान को पलीता लगा रही है। बता दें कि जिले की छोइया नदी सीधे गंगा में जाकर मिलती है। छोईया नदी को पूरी तरह से प्रदूषित किया जा रहा है। छोईया किनारे लगी फैक्टरियों से निकलने वाला जहरीला और केमिकल युक्त पानी नदी में डाला जा रहा है। अब चार दिनों तक बरसात हुई तो नगीना रोड पर स्थापित एक फैक्टरी ने जमकर फायदा उठाया। फैक्टरी से निकलने वाला पानी जोकि एक गड्ढे में इकट्ठा किया गया था, उसे पंप लगाकर पाइप के सहारे छोईया में डाल दिया गया।
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जिससे छोइया नदी के पानी का रंग बदल गया। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिससे फैक्टरी संचालकों में हड़कंप मच गया। बुधवार को फैक्टरी के कर्मचारी उस पाइप को समेटते हुए देखे गए, जिससे छोइया तक पानी जा रहा था। डीएम ने भी सख्ती दिखाते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को तलब किया है।
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बता दें कि छोईया नदी इतनी प्रदूषित हो चुकी है, इसके आस पास लगे नलकूप भी मटमैले रंग का पानी निकालते हैं। साथ ही छोईया नदी के किनारे बसे गांव में कैंसर से तमाम लोगों की मौत हो चुकी है। डीएम उमेश मिश्रा ने बताया कि प्रदूषण विभाग के अधिकारियों से जवाब मांगा गया है। जांच के बाद इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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