फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bijnor News: स्योहारा - आदित्य राणा के चार मददगार गिरफ्तार

Sat, 25 Mar 2023 12:14 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
विज्ञापन
स्योहारा में पकड़े गए बदमाश आदित्य राणा के मद्दगार।
विज्ञापन
- शुक्रवार की तड़के न्यामताबाद के जंगल में हुई पुलिस की मुठभेड़
विज्ञापन

- मददगारों पर मोबाइल और सिम आदि मुहैया कराने का आरोप

फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
स्योहारा (बिजनौर)। प्रदेशीय माफिया और ढाई लाख का इनामी आदित्य राणा तो एक दिन पहले पुलिस को चकमा देकर भाग निकला, लेकिन अब आदित्य के चार मददगार पुलिस ने मुठभेड़ में दबोच लिए हैं। हालांकि एक और मददगार अभी फरार है। मददगारों पर मोबाइल और सिम आदि मुहैया कराने का आरोप है। पुलिस ने चारों के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया है।

शुक्रवार तड़के आदित्य राणा की तलाश कर रही पुलिस टीम को थाना क्षेत्र के ग्राम बेरखेड़ा व सत्तोनंगली के बीच ग्राम न्यामताबाद के जंगल में उसको सिम, मोबाइल व अन्य सामान पहुंचाकर उसकी मदद करने वाले साथियों की जंगल में छिपे होने की जानकारी मिली। घेराबंदी करने पर उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने मुठभेड़ के बाद चार साथियों राजेश पुत्र फूल सिंह निवासी ग्राम रतनपुरा, निक्की पुत्र पूरन ग्राम बमनोली, अनुराग पुत्र राजवीर निवासी ग्राम भगवानपुर रैनी थाना स्योहारा व जय कुमार पुत्र बृजपाल निवासी ग्राम सलेमपुर थाना कांठ को दो तमंचे व दो चाकू सहित गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक साथी फरार हो गया। पुलिस ने सभी के विरुद्ध गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया है।
विज्ञापन

बता दें कि प्रदेशीय माफिया ढाई लाख के इनामी बदमाश आदित्य राणा सात माह पूर्व पेशी से लौटते वक्त पुलिस की कस्टडी से फरार होने के बाद पुलिस व एसओजी टीम के लिए सिरदर्द बन हुआ है। जिले में आदित्य राणा की लोकेशन मिलने के बाद पुलिस, एसटीएफ, एसओजी भले ही घेराबंदी में लगी हो, लेकिन आदित्य राणा हर बार पुलिस की घेराबंदी तोड़ भागने में सफल हो जाता है।

आदित्य को पकड़ने में नाकाम रही पुलिस
बुधवार को साथियों संग आदित्य राणा के गांव में रहने की सूचना मिली थी। जिस पर पुलिस ने मुठभेड़ में आदित्य राणा का भाई चन्द्रवीर उर्फ बिट्टू ग्राम प्रधान बोलेरो गाड़ी सहित गिरफ्तार हो गया, लेकिन आदित्य राणा साथियों संग फरार हो गया था। पुलिस का आरोप था कि चन्द्रवीर उर्फ बिट्टू अपने भाई आदित्य राणा व उसके दो साथियों को अपनी बोलेरो गाड़ी से सुरक्षित स्थान पर छोड़ने जा रहा था।


पुलिस के रडार पर शरणदाता
अभी तो सिर्फ चार मददगार पकड़े गए हैं, लेकिन पुलिस के रडार पर वे भी लोग हैं, जिन्होंने उसे शरण दी थी। बताया जा रहा है कि पुलिस की अभिरक्षा से फरार होने के बाद जिले के कई लोगों ने आदित्य की मदद की है। सूत्रों का दावा है कि आदित्य तक कई लोगों ने अनेक माध्यमों से रकम भी पहुंचाई है। लेकिन पुलिस उन लोगों तक नहीं पहुंच सकी थी। अब पुलिस महकमे में निजाम के बदलते ही कार्रवाई में तेजी आई है।
विज्ञापन


- कोट
आदित्य राणा प्रदेशीय स्तर पर माफिया व ढाई लाख का इनामी फरार बदमाश है। जिसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीम लगी हुई हैं। उसकी मदद करने वालों की पुलिस सूची बना रही है। उसके मददगार कोई भी हों उनको भी बख्शा नहीं जाएगा - इंदु सिद्धार्थ, सीओ धामपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें