संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एमपी सिंह ने कौमी इत्हादी निधि के फंड की लूट दिखाकर पैसे हड़पने के आरोपी शाखा प्रबंधक कासिफ की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
थाना धामपुर के गांव जैतरा निवासी रईस अहमद ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि कौमी इत्हादी निधि की धामपुर में दो शाखा हैं। एक शाखा में कासिफ शाखा प्रबंधक और दूसरी शाखा में वह खुद संचालक है। पहाड़ी दरवाजा स्थित शाखा की लेखा-जोखा, लेनदेन की जिम्मेदारी कासिफ की है। मुख्य शाखा बंदूकचियान में है, जिसका संचालन उसकी देखरेख में होता है।
2022-23 का बैकिंग वर्ष 28 फरवरी को पूरा हो रहा था। उसने शाखा प्रबंधक कासिफ से अपनी शाखा का रुपया व लेनदेन का हिसाब मुख्य शाखा में जमा करने को कहा। 28 फरवरी 2023 को दोपहर करीब एक बजकर 40 मिनट पर कासिफ ने उसे फोन कर बताया कि कौमी इत्हादी निधि के साढ़े नौ लाख रुपयों से भरा बैग जब मैं मुख्य शाखा में जमा करने आ रहा था। इस दौरान दो मोटरसाइकिल सवार मेरी स्कूटी गिराकर रुपयों से भरा बैग लेकर भाग गए।
रिपोर्ट में कहा गया कि शाखा प्रबंधक कासिफ ने भ्रमित करते हुए साढ़े नौ लाख रुपये धोखाधड़ी से गबन कर लिए हैं। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने चार लाख 32 हजार रुपये का कैश कासिफ के घर से बरामद किया। जिसका वह कोई स्पष्टीकरण नहीं दे सका। रुपया हड़पने की इस घटना को गंभीर अपराध मानते हुए कासिफ की जमानत याचिका निरस्त की है।