बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश एमपी सिंह ने सुनील ढाका हत्याकांड में आरोपी कपिल उर्फ सोनू को हत्या का आरोप सिद्ध नहीं होने पर बरी कर दिया है।
थाना चांदपुर के गांव शादीपुर मिलक निवासी अरविंद कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 26 अप्रैल 2007 को रात्रि लगभग 11 बजे उसका भाई सुनील ढाका अपने साथी संजीव कुमार निवासी झालू के साथ कार से घर वापस आ रहा था। बिजनौर में खन्ना पेट्रोल पंप के सामने मोटरसाइकिल पर सवार दो लोगों ने कार को रुकवाया व सुनील ढाका व उसके साथी संजीव कुमार पर गोलियां चला दी, दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। सुनील ढाका की अस्पताल ले जाते हुए मौत हो गई। संजीव को इलाज के लिए मेरठ ले जाया गया।
इस हत्याकांड में पुलिस ने कपिल उर्फ सोनू निवासी मौजमपुर उर्फ इनामपुरा थाना मंडावर को दो मई 2007 को गिरफ्तार किया था। तथा उसके कब्जे से सुनील ढाका की हत्या में प्रयुक्त रिवाल्वर भी बरामद किया गया था। पुलिस ने इस मामले में कपिल कटार उर्फ सोनू के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की थी। इस हत्याकांड की सुनवाई के दौरान सभी प्रमुख गवाह पक्ष द्रोही घोषित हो गए। वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल चौधरी के अनुसार अदालत ने इस हत्याकांड में अभियोजन पक्ष द्वारा अपना केस साबित नहीं कर पाने पर संदेह का लाभ देते हुए कपिल उर्फ सोनू को बरी कर दिया है।