संपूर्ण समाधान दिवस में अधिकारियों से बात करते डीएम।
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बिजनौर के नजीबाबाद के नवागत जिलाधिकारी ने अपने पहले ही संपूर्ण समाधान दिवस में गैरहाजिर रहे तीन अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकने की संस्तुति कर दी। डीएम ने बेहद सख्त लहजे में कहा कि दर्ज शिकायतों का अविलंब और पारदर्शी निस्तारण किया जाए।
ड्वाकरा हॉल में मंगलवार सुबह 10 बजे संपूर्ण समाधान दिवस शुरू हुआ। दोपहर 1:30 बजे तक भी जब कुछ अधिकारी संपूर्ण समाधान दिवस में शामिल नहीं हुए तो डीएम अटल राय ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने गैरहाजिर सहायक श्रमायुक्त, बांट माप नियंत्रक, महाप्रबंधक (उद्योग) का एक दिन का वेतन रोकने की संस्तुति की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब अधिकारी शिकायत सुनने के लिए ही मौजूद नहीं होंगे, तो उनसे निस्तारण की क्या उम्मीद की जा सकती है? डीएम अटल राय, एसपी प्रभाकर चौधरी, सीएमओ डॉ. राकेश मित्तल, एसडीएम एसके सिंह ने जनशिकायतें सुनीं।
अधिवक्ता देवप्रताप सिंह ने किसान हित में नहरों में जल्द पानी छोड़ने, राजपाल चौहान ने सीकेआई-रेलवे मालगोदाम संपर्क मार्ग पर किए गए अतिक्रमण को हटवाने, खैरुल्लापुर निवासी नवीनचंद ने मालन नदी से गांव की ओर कटान रोकने के लिए तटबंध बनवाने एवं नवनिर्मित पुल से गांव तक मार्ग बनवाने, मोहल्ला पठानपुरा निवासी असलम कस्सार ने चांदनी मैरिज हॉल के पीछे सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटवाने, भागूवाला निवासी अहसान एडवोकेट ने गांव में चकबंदी को पूर्ण रूप से बंद कराने की मांग की।
डीएम ने किया विभिन्न कार्यालयों का निरीक्षण
नजीबाबाद। जन शिकायतों की सुनवाई के बाद डीएम अटल राय ने खतौनी जारी करने वाले केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने खतौनी निकलवाने आए लोगों से उनसे लिए जाने वाले शुल्क की जानकारी ली। चकबंदी कार्यालय और रजिस्ट्रार कानूनगो कक्ष में अभिलेखों का निरीक्षण किया। अभिलेखों को व्यवस्थित न रखने और नियमावली न रखने पर डीएम ने कहा कि यह अभिलेख लेखपाल के गीता और कुरान हैं।