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अंग्रेजों की सरकारी नौकरी छोड़ आजादी की लड़ाई में कूद गए थे अब्दुल लतीफ

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अब्दुल लतीफ गांधी के पौत्र फरीद अहमद। - फोटो : BIJNOR
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अंग्रेजों की सरकारी नौकरी छोड़ आजादी की लड़ाई में कूद गए थे अब्दुल लतीफ
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बिजनौर। बिजनौर के पूर्व सांसद रहे अब्दुल लतीफ ने अंग्रेजी हुकूमत के दौरान सरकारी नौकरी में होते हुए भी स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों का सहयोग किया था। इसके कारण उनका कई बार तबादला भी हुआ। सरकारी नौकरी छोड़कर वह भारत माता की आजादी की लड़ाई में लग गए थे। बिजनौर के इतिहासकार शकील बिजनौरी अपनी पुस्तक तहरीके बिजनौर में लिखते हैं कि अब्दुल लतीफ का जन्म बिजनौर में अब्दुल हई के प्रतिष्ठित परिवार में हुआ। 1918 में पुलिस की परीक्षा पास करने के बाद वह पुलिस इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्त हो गए। सन 1921 में असहयोग आंदोलन के दौरान वह मेरठ में तैनात थे और उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का पुलिस में रहते हुए सहयोग किया। इस पर उनका कई बार तबादला भी किया गया। पुलिस की नौकरी छोड़कर वह स्वतंत्रता आंदोलन में कूद गए। वह चार बार जेल गए। सन 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान उन्हें नजरबंद भी रहना पड़ा। जेल में अब्दुल लतीफ पंडित जवाहरलाल नेहरू और मौलाना अब्दुल कलाम आजाद के साथ एक ही कोठरी में बंद रहे। बिजनौर के चेयरमैन रहे अब्दुल लतीफ के पौत्र फरीद अहमद बताते हैं कि मौलाना अब्दुल कलाम आजाद, अब्दुल लतीफ को ख्वाजा बिजनौरी कहते थे तो पंडित जवाहरलाल नेहरू उन्हें गांधीजी कहते थे। पंडित नेहरू द्वारा दिया गया गांधी उपनाम हमेशा के लिए उनके साथ जुड़ गया और वह अब्दुल लतीफ गांधी हो गए। पंडित जवाहरलाल नेहरू से उनके बेहद नजदीकी रिश्ते रहे। सन 1938 में वह बिजनौर के चेयरमैन बन गए। उन्होंने पंडित नेहरू के कहने पर ही सन 1941 में चेयरमैन के पद से इस्तीफा दे दिया था। फरीद अहमद बताते हैं कि अब्दुल लतीफ गांधी को महात्मा गांधी ने एक चरखा भी दिया था, जिसे देश की आजादी के बाद उनके दादा ने दिल्ली के जामिया कॉलेज में दे दिया था। वर्तमान में वह चरखा राष्ट्रीय आर्काइव में रखा हुआ है। अब्दुल लतीफ गांधी ने लतीफ की कहानी नाम से अपनी जीवनी भी लिखी है। इसमें उन्होंने बिजनौर के सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे के बारे में विस्तार से बताया है। सांप्रदायिक सौहार्द बनाने के लिए अब्दुल लतीफ गांधी ने हिंदू मुस्लिम एकता मंच का गठन किया था। वह सन 1952 में नजीबाबाद से विधायक तथा सन 1957 में बिजनौर लोक सभा क्षेत्र से अब्दुल लतीफ गांधी सांसद चुने गए थे।

अब्दुल लतीफ गांधी। (फाइल फोटो)- फोटो : BIJNOR

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