- कई दशकों से दो मोहल्लों के दो परिवारों के बीच रही पालिका की कमान
धर्मेन्द्र भुईयार
स्योहारा। नगर पालिका परिषद में दो मोहल्लों के बीच पालिकाध्यक्ष बनने की परिपाटी को तोड़ने के जुनून व युवाओं का आप पार्टी के युवा नेता फैसल वारसी के प्रति उत्साह ने नगर में आप की सरकार बना दी।
नगर पालिका परिषद स्योहारा के इतिहास में दो मोहल्लों मुस्लिम चौधरीयान व मिल्कीयान के दो ही परिवारों के बीच कई दशकों से चली आ रही चेयरमेन बनने की परंपरा का मिथक तोड़ने की इस बार नगर की जनता ने मन बना लिया था। पिछली बार चुनाव में चौथे स्थान पर रहे फैसल वारसी को को इस बार नगर की जनता ने पालिकाध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाने का मन बना लिया था।
वर्ष 1964 से 1978 तक मोहल्ला मिलकियान निवासी जहीरुद्दीन अध्यक्ष पद पर बने रहे I सन 1986 में नगर पालिका का भवन बन कर तैयार हुआ I 1988 में पहली बार मोहल्ला मुस्लिम चौधरीयान निवासी हाजी मसूद उल हसन नगर पालिकाध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे। 1993 पुनः हाजी मसूदउल हसन ने चुनाव जीता। सन 2002 के पालिकाध्यक्ष चुनाव में मोहल्ला मिलकियान निवासी अख्तर जलील ने हाजी मसूद उल हसन को हरा कर चुनाव जीता I
वर्ष 2007 में महिला सीट आरक्षित होने पर तरन्नुम मलिक से 2017 तक नगर पालिका की कुर्सी पर लगातार दस वर्षों तक पालिका चेयरपर्सन की कुर्सी पर विराजमान रही। 2017 के चुनाव में अख्तर जलील पालिकाध्यक्ष बने उनको 6731 वोट मिले जबकि भाजपा प्रत्याशी मुकेश कुमार रस्तोगी को 4930 वोट मिले और दूसरे नंबर पर रहे जबकि समाजवादी प्रत्याशी नईमुहसन को 4828 वोट मिले हुए तीसरे नंबर पर रहे। हालांकि फैसल वारसी पिछली बार 3700 वोट पाकर चौथे स्थान पर रहे थे। (संवाद)