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जंगल सफारी के लिए तैयार किया नया रास्ता

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बिजनौर के अमानगढ़ में निरीक्षण करते वन संरक्षक मुरादाबाद रमेश चंद्र और एसडीओ बिजनौर ज्ञान सिंह। - फोटो : BIJNOR
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जंगल सफारी के लिए तैयार किया नया रास्ता
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बिजनौर। अमानगढ़ रेंज में जहां पर्यटन की तैयारी चल रही है, वहीं वन विभाग ने एक नया रास्ता बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। वन संरक्षक मुरादाबाद और एसडीओ बिजनौर ने नए रास्ते पर पर्यटन की संभावनाएं तलाशीं। इस रास्ते पर घना जंगल, नदी और पहाड़ों को देखने के साथ ही रोमांच का लुत्फ लिया जा सकेगा। यहां का नजारा कार्बेट पार्क जैसा ही होगा। अकेले इस रास्ते पर ही पर्यटक तीन घंटे से ज्यादा समय बीता सकेंगे और दुर्लभ वन्य जीवों को देख सकेंगे।
बिजनौर वन डिवीजन की अमानगढ़ वन रेंज को पर्यटन के मानचित्र पर लाने के लिए वन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अभी तक अमानगढ़ में जो रास्ते पर्यटन के लिए उपलब्ध थे, उसमें अधिकांश घना जंगल ही है। घास का जंगल न होने के कारण वन्य जीवों का दीदार आसान नहीं रहता। ऐसे में वन विभाग ने पर्यटन के लिए एक नए रास्ते को तलाश किया है। इसके लिए वन संरक्षक मुरादाबाद रमेशचंद्र और एसडीओ बिजनौर ज्ञान सिंह ने अमानगढ़ में संभावनाएं भी तलाशीं।
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इस निरीक्षण के दौरान अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के लगभग सभी मार्ग देखे गए। दिन और रात के समय पर्यटन की संभावनाएं देखने के लिए पैदल गश्त भी की गई। वन विभाग की टीम अमानगढ़ कक्ष संख्या 8, 10 व 13 फक्कड़ चौराहा, कोठीरो नदी, लालढांग नदी, जसपुर कक्ष संख्या 50 अ व 50 ब, झिरना गेट, कंडी रोड, झूलोखत्ता चौकी, नबीगढ़ ढेरी, एंटी पोचिंग कैंप, फीका बैराज, कोठीरो कक्ष संख्या एक अ व एक ब आदि क्षेत्र भी देखे। वहां पर पर्यटन शुरू होने के बाद क्या-क्या कार्य कराए जाएंगे, उनकी सूची भी तैयार की गई।
नए रास्ते पर तीन से चार घंटे घूम सकेंगे पर्यटक
वन विभाग की टीम झिरना गेट से पर्यटकों को घुमाने की योजना बना रही थी, लेकिन कार्बेट पार्क प्रशासन कोर एरिया होने के चलते इस पर राजी नहीं था। ऐसे में वन विभाग ने फक्कड़ चौराहे से दायीं ओर गए रास्ते को तैयार करने की योजना बनाई है। यह रास्ता बरसाती नदियों से होता हुआ गेस्ट हाउस के पास से होकर निकल रहे रास्ते पर मिल जाएगा। एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि इस रास्ते पर घना जंगल है, रास्ते में बरसाती नदी, बड़ा मैदान और कुछ दूरी पर पहाड़ों का नजारा देखने को मिलेगा। नदी और खाली घास के मैदान में वन्य जीवों के दिखने की संभावना भी है। अकेले इस रास्ते पर पर्यटन तीन से चार घंटे तक घूम सकते हैं।
अजगर, हाथी और चीतल दिखे
वन विभाग की टीम को नए रास्ते पर निरीक्षण के दौरान कई वन्य जीव दिखे। इस पर हाथी, चीतल तो बड़ी संख्या में दिखे ही, साथ ही रास्ते में अजगर भी दिखा। नदी के पास भरे पानी से निकलकर बाहर आए कुछ कछुए भी टीम को दिखाई दिए। बताया जा रहा है कि बाघ और गुलदार भी इसके आसपास होने के संकेत मिले हैं। पूरे अमानगढ़ की बात करें तो 20 से ज्यादा बाघ, 100 हाथी के साथ भालू, चीतल, लंगूर आदि भी मौजूद हैं।
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------- कोट
अमानगढ़ में ईको टूरिज्म होना है। जिस रास्ते पर पर्यटन का विचार चल रहा है, वह पहले से ही बना हुआ है, केवल उसे घूमने लायक बनाना है। मंथन के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा - ज्ञान सिंह, एसडीओ, वन विभाग

बिजनौर के अमानगढ़ में रास्ते से गुजरता अजगर।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर के अमानगढ़ में घूमता हाथी।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर के अमानगढ़ में रास्ते से गुजरता चीतल।- फोटो : BIJNOR

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