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Bijnor News: बड़ा खतरा बनने जा रही गुलदारों की नई पीढ़ी

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बढ़ापुर क्षेत्र के ग्राम खत्रीवाला में पिंजरे में कैद गुलदार।
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- 17 लोगों की जान इस साल गुलदार के हमलों में गई
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- 39 छोटे-बड़े गुलदार इस साल पकड़े गए

- 05 गुलदार की दुर्घटना या अन्य कारण से मौत हुई
-400 से ज्यादा गुलदार गन्ने के खेतों में होने की संभावना
रजनीश त्यागी
बिजनौर। जिले में गुलदार आपदा बन चुके हैं। वहीं अब जहां एक ओर गन्ने की कटाई हाे रही है, वहीं दूसरी ओर गुलदार की नई पीढ़ी बड़ा खतरा बनने जा रही है। गुलदार की संख्या की बात करें तो 400 से ज्यादा गुलदार इस समय गन्ने के खेतों में होने की संभावना है।
जिले की भोगोलिक स्थिति की बात करें तो 70 किलोमीटर से ज्यादा सीमा उत्तराखंड के रिजर्व फॉरेस्ट से लगी हुई है। इस साल सबसे ज्यादा गुलदार और इंसानी संघर्ष हुआ। इसमें 17 लोगों की जान चली गई। वहीं पकड़े जाने वाले गुलदारों की संख्या अब 40 हो गई। इनमें 10 शावक भी शामिल हैं। दस से ज्यादा ऐसे गुलदार थे, जिनकी उम्र तीन साल से कम थी।
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वन्य जीव विशेषज्ञों की माने तो करीब डेढ़ साल की उम्र में मादा गुलदार शावक को अपने से अलग कर देती है और वह शिकार करने लायक हो जाता है। ऐसे में खेतों के आसपास बड़े शिकार उसके लिए मुश्किल हो रहे हैं तो उसके लिए सबसे आसान शिकार बच्चे ही होते हैं। ऐसे में जिले में बच्चों के लिए गुलदार की यह नई पीढ़ी बड़ा खतरा बनने जा रही है।


पता नहीं कौन नरभक्षी, कौन निर्दोष
जिले में लगातार गुलदार के हमले हो रहे हैं। ऐसे में गुलदार पकड़े भी जा रहे हैं। 40 गुलदार अब तक पकड़े गए, इनमें से करीब 30 को कानपुर, इटावा, गोरखपुर के चिड़ियाघर में भेजा गया है। अब इनमें यह वन विभाग को भी नहीं पता कि कौन सा गुलदार नरभक्षी था और कौन सा गुलदार ठीक था। आशंका के आधार पर ही सभी को चिड़ियाघर भेजा जा रहा है।

छोटे बच्चों को लेकर सतर्क रहें : एसडीओ
एसडीओ ज्ञान सिंह ने कहा कि गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहना चाहिए। यहां पर बच्चों को अकेले जंगल न भेजें। खुले में शौच के लिए न जाएं। क्योंकि मां से अलग हुए छोटे गुलदार छोटे बच्चों पर हमला करते हैं।
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अमानगढ़ में गुलदार छोड़ने पर रोक : डीएफओ
डीएफओ अरुण कुमार सिंह ने बताया कि अमानगढ़ वन रेंज में पहले बिजनौर के अलावा अमरोहा, बरेली, मुरादाबाद तक से गुलदार छोड़े गए। इन गुलदार के जंगल से बाहर आने की आशंका के चलते यहां रोक लगा दी। अब सभी को चिड़ियाघर भेजा जा रहा है।
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