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Bijnor News: तीन महीने में 95 क्लीनिकों का निरीक्षण, 53 पर हुई कार्रवाई

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- जिले में धड़ल्ले से चल रहे हैं अवैध क्लीनिक और अस्पताल
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- स्वास्थ्य विभाग की टीम ने निरीक्षण के बाद 16 क्लीनिकों का कराया पंजीकरण
नंबर गेम
- 219 नर्सिंग होम और अस्पताल जिले में पंजीकृत हैं
- 89 क्लीनिक जिले के स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत हैं
- 30 पैथोलॉजी लैब और डायग्नोस्टिक सेंटर जिले में पंजीकृत हैं
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में अवैध क्लीनिक धड़ल्ले से चल रहे हैं। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अभियान चलाकर पिछले तीन महीने में 95 अस्पताल, क्लीनिक, नर्सिंग होम का निरीक्षण किया। निरीक्षण में अपंजीकृत पाए गए 53 क्लीनिकों पर कार्रवाई की गई। वहीं 16 क्लीनिक ऐसे हैं, जिनमें संसाधन पूरे होने पर पंजीकरण कराया गया।

जिले में चल रहे अवैध क्लीनिक, अस्पतालों में आए दिन प्रसव के दौरान गर्भवती महिलाओं के मरने के मामले सामने आते रहते हैं। अस्पतालों में प्रशिक्षित चिकित्सक और पर्याप्त संसाधन नहीं होने से घटनाएं होती हैं। इसी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सितंबर, अक्तूबर और नवंबर में अभियान चलाकर अवैध क्लीनिकों पर कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान मानक पूरे नहीं होने पर 32 अस्पताल सील और 21 अवैध क्लीनिकों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। कुछ अस्पताल पंजीकृत मिले।
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इसके अलावा नौ क्लीनिक संचालकों ने बंद करने करने का शपथ पत्र दे दिया। निरीक्षण में चार अस्पताल बंद मिले। जबकि सात ऐसे अस्पताल थे, जो लोकेशन पर ही नहीं मिले।
- इन अस्पतालों का निरीक्षण के बाद कराया पंजीकरण
स्वास्थ्य विभाग ने इस साल अप्रशिक्षित चिकित्सक और अवैध क्लीनिकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। अवैध अस्पतालों पर लगाम कसने के लिए ही उन्हें पंजीकृत किया जा रहा है। चांदपुर क्षेत्र में एमएसडी हॉस्पिटल, जीवनरक्षा हॉस्पिटल, शमी नर्सिंग होम, सिटी नर्सिंग होम, लाइफकेयर हॉस्पिटल, जीवन हॉस्पिटल, अबरार हॉस्पिटल, नजीबाबाद में इस्लामिया हॉस्पिटल, जय ईश्वरी हॉस्पिटल का पंजीकरण कराया गया है।
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- वर्जन : अवैध क्लीनिकों के खिलाफ अभियान जारी है। बीते महीनों में बड़ी संख्या में क्लीनिकों पर कार्रवाई की गई है। मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। - डॉ. विजय कुमार गोयल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बिजनौर
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