बिजनौर। वर्ष 2009-10 में चंदक पीएचसी पर हुए एनआरएचएम घोटाले की जांच में बरेली से आई टीम ने तीन आरोपियों के बयान दर्ज किए और अभिलेख आदि की जांच की।
साल 2009-10 में चंदक पीएचसी पर करीब दस लाख 90 हजार का घोटाला हुआ था। इस मामले में आरोपी बनाए गए डा. सतीश चंद्रा और दीपक कुमार जेल भी गए थे। इसमें बरेली से आई टीम ने चंदक पीएचसी के पूर्व प्रभारी डा.रामकुमार और डा. विक्रम सिंह तथा एएनएम मीना वर्मा के बयान दर्ज करते हुए अभिलेखों की जांच की। सीएमओ राकेश मित्तल ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि जननी सुरक्षा योजना के करीब 73-74 फर्जी पेमेंट के मामले में बरेली से आई टीम ने तीन लोगों के बयान दर्ज कर अभिलेखों की जांच की है। जांच पूरी होने पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।