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अल्लाह का एहसान और करम हैं रमजान: मौलाना कासमी

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अफजलगढ़/धामपुर। फैजी कॉलोनी में मंगलवार की रात रोजा तरावीह का कलाममुल्ला मुकम्मल होने पर कार्यक्रम का आयोजन हुआ। मदरसे के मोहतमिम मौलाना शफीक अहमद कासमी ने अवाम को खिताब करते हुए फरमाया कि खुशकिस्मत है वह लोग जो पूरे महीने रमजान के रोजे रखते है। हमें चाहिए कि बाकी बचे हुए रमजान के रोजों में तरावीह पूरी पढ़े। रमजान अल्लाह का एहसान और करम है। उसने अपने बंदे को बेशुमार नेमत अता की है। जुमे के दिन खुतबे से लेकर नमाज पूरी होने तक एक घड़ी ऐसी आती है जिसमें अल्लाह मुसलमानों की तमाम दुआएं कबूल फरमा लेते है। एक घड़ी ऐसी आती है जिसमें असर और मगरिब के दरम्यान मांगी तमाम दुआएं बारगाहे इलाही मकबूल हो जाती है। हमें चाहिए कि हम रमजान के महीने का पूरा एहतराम करते हुए अपनी बख्शिश के लिए कोई मौका न गंवाएं। इस मौके पर कारी जमशेद आलम, मौलाना अब्दुल वासे मिफताही, मोहम्मद जुनेद, कारी इम्तियाज आलम, कारी अजीम अहमद, हाफिज मोहम्मद साजिद, हाफिज सलीममुर्रहमान, मोहम्मद नवाज, हाफिज मोहम्मद उमर, हाजी अब्दुल हमीद, शमीम अहमद, मोहम्मद हबीबुल्ला, हाफिज मोहम्मद उमर रहे। तरावीह कुरान हाफिज उबैदुर्रहमान ने सुनाया।
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