बिजनौर। निकाय चुनाव में बगावती तेवर अपनाने वाले बसपा के कई नेताओं पर गाज गिर गई है। बसपा से इन नेताओं को निष्कासित कर दिया गया है।
नगर पंचायत झालू से शहजाद अहमद बसपा का टिकट मांग रहे थे। बसपा हाईकमान ने शहजाद अहमद को टिकट देने की हरी झंडी दे दी, लेकिन बाद में टिकट डा.रईस अहमद को थमा दिया। शहजाद अहमद निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में कूद गए। झालू के नगर उपाध्यक्ष सलीम अहमद भी निदर्लीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में डटे हैं। बसपा ने इन दोनों को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। बिजनौर नगर पालिका से बसपा ने पूर्व चेयरमैन फरीद अहमद की पत्नी सलमा फरीद को टिकट दिया है। पूर्व नगर अध्यक्ष दिलशाद अहमद सलमा फरीद के टिकट का विरोध कर रहे थे। अपने समर्थकों के साथ उन्होंने बसपा जिलाध्यक्ष सरजीत सिंह के आवास पर धरना प्रदर्शन भी किया था। दिलशाद अहमद को भी पार्टी से निष्कासित कर दिया गया है। बढ़ापुर नगर पंचायत से शमीम अहमद अंसारी ने भी बगावती तेवर अपनाकर चुनाव लड़ने का फैसला किया। उन्हें भी बसपा से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। बसपा जिलाध्यक्ष सरजीत सिंह के मुताबिक पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण इन नेताओं पर गाज गिरी है। जो भी पार्टी के विपरीत काम करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। वहीं बसपा ने गंगोड़ा शेख निवासी कैफुल इस्लाम उर्फ पप्पू पठान को नहटौर विधान सभा का प्रभारी बनाया है।