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Bijnor News: राष्ट्रीय लोक अदालत में 48 हजार 859 वादों का हुआ निस्तारण

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बिजनौर जजी परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत की कार्यवाही का निरीक्षण करते जिला जज एमपी सिंह।
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संवाद न्यूज एजेंसी
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बिजनौर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 48859 वादों का निस्तारण किया गया। लोक अदालत में 490675 की जुर्माना धनराशि वसूल की गई। वहीं 260558166 समझौता धनराशि दिलाई गई। राजस्व न्यायालयों द्वारा सर्वाधिक 39446 वादों का निस्तारण किया गया।
प्राधिकरण की सचिव मीनू मैनवाल के अनुसार लोक अदालत में जिला जज एमपी सिंह ने आठ वादों का निस्तारण किया। परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश विनोद कुमार सिंह ने 32 वादों का निस्तारण करते हुए दो लाख दस हजार की समझौता धनराशि दिलाई। अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश राजेश्वरी टोलिया ने 27 वादों का निस्तारण करते हुए 89 हजार की समझौता धनराशि दिलवाई। मोटर दुघर्टना अधिचरण द्वारा 24 वादों का निस्तारण करते हुए दो करोड़ 36 लाख बीस हजार रुपये की धनराशि पीड़ित परिवारों को दिलाई। विशेष न्यायाधीश अवधेश ने 12 वादों का निस्तारण किया। स्पेशल जज ईसी एक्ट शैला ने 731 वाद और लघु वाद न्यायाधीश शिवानंद गुप्ता ने 16 वादों का निस्तारण किया। सीजेएम अभिनव यादव ने 4418 वादों का निस्तारण करते हुए दो लाख चालीस आठ सौ पचास रुपये एवं एसीजेएम अंशुमन धुन्ना ने 993 वादों का निस्तारण करते हुए 36 हजार पचास, अपर सिविल जज सीडी नीलम सरोज ने 270 वादों में तीन हजार, सिविल जज सीडी एफटीसी देवेंद्र कुमार 121 वादों में 700 रुपये जुर्माना वसूला। एसीजेएम शोभा भाटी ने 152 वादों में 16 सौ रुपये, एसीजेएम दीक्षा यादव ने 155 वादों में 29 सौ रुपये, अपर सिविल जज दीप्ति सिंह ने 258 वादों में पांच हजार सात सौ पचास रुपये, सिविल जज जेडी प्रतीक त्रिपाठी ने 125 वादों में 44 सौ रुपये, अपर सिविल जज ईशा त्रिपाठी ने 61 वादों में 61 सौ रुपये का जुर्माना वसूला। अपर सिविल जज प्रद्युम्न मिश्रा ने 267 वादों में बीस हजार पांच सौ रुपये, सिविल जज बुसरा खुर्शीद ने 210 वाद में 4415 रुपये जुर्माना वसूला। सिविल जज जूनियर डिविजन नगीना ने विपुल कुमार यादव ने 850 वादों में 6220 रुपये, सिविल जज जूनियर डिविजन नजीबाबाद एकलव्य सरोज ने 750 वादों में 44180 रुपये, अपर सिविल जज नजीबाबाद शालिनी ने 360 वादो में 10800 रुपये, अपर सिविल जज नगीना अन्नू ने 541 वादों में 7480 रुपये की जुर्माना धनराशि वसूल की।
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बैंकों द्वारा रिकवरी के 1695 वादों का निस्तारण करते हुए 230001758 रुपये की समझौता धनराशि वसूल की। उपभोक्ता फोरम ने 36 वादों का निस्तारण किया। करीब 44 लाख रुपये की समझौता धनराशि दिलाई।
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