बलात्कार के मामले में फाइनल रिपोर्ट निरस्त कर सुनवाई की कार्यवाही शुरू
बिजनौर। स्योहारा से एक युवती का अपहरण बलात्कार के मामले में बसपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष आदिल चौधरी सहित नौ आरोपियों को सीजेएम मुरादाबाद प्रणविजय सिंह ने पुलिस की फाइनल रिपोर्ट निरस्त कर अदालत में सुनवाई के लिए तलब किया है। युवती का अपहरण स्योहारा से हुआ था और मुरादाबाद के थाने मंझौला में युवती से बलात्कार की घटना हुई थी। घटना की रिपोर्ट सपा सरकार के दखल के बाद थाना मंझौला में दर्ज हुई थी। युवती द्वारा दर्ज रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि दस मार्च 2011 को वह अपने पिता के साथ स्योहारा से नुमाइश देखकर घर आ रही थी। स्योहारा के शकील अहमद, आदिल, अफजाल, मोनिस, गौहर आदि ने उसे जबरदस्ती उठाकर गाड़ी में डाल लिया और थाना मंझौला के साहिल के मकान में ले गए। वहां उसके साथ बलात्कार किया गया। इससे वह गर्भवती हो गई। प्राइवेट अस्पताल में ले जाकर उसके गर्भ की सफाई कराई गई। साहिल उसे बेचना चाहता था। साहिल ने उसके कुंडल व सोने की चेन भी छीन लीं। काफी भागदौड़ के बाद व सपा सरकार के दखल के बाद 23 फरवरी 2014 में इस मामले की रिपोर्ट थाना मंझौला में दर्ज हुई, लेकिन इस मामले में पुलिस द्वारा फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई। फाइनल रिपोर्ट पर युवती द्वारा अदालत में आपत्ति की गई। कोर्ट ने मामले में सुनवाई के बाद पाया कि युवती और उसके पिता ने घटना का समर्थन किया है। युवती के कोर्ट में दिए गए कलमबंद बयान के आधार पर आमिर, गौहर, आदिल, अफजाल, मोनिस, शकील, जमील व वकील के खिलाफ मारपीट करने व बलात्कार करने तथा साहिल उर्फ बबली के खिलाफ लूटपाट व बलात्कार का मामला बनना प्रतीत होता है। फाइनल रिपोर्ट को कोर्ट ने निरस्त कर दिया है। नौ आरोपियों को सुनवाई के लिए तलब कर लिया है।