18 माह से रुका मानदेय दिलाने की मांग
बिजनौर। उत्तर प्रदेश ग्राम रोजगार सेवक संघ के बैनर तले रोजगार सेवकों ने अनेक मांगों को लेकर डीएम सुजीत कुमार को ज्ञापन दिया।
विकास भवन में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वे महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत 2008 से ग्राम पंचायतों में तैनात हैं और अपनी सेवा दे रहे हैं। समय पर न मिलने वाले बहुत कम मानदेय के बाद भी रोजगार सेवकों को अनेक प्रकार की ड्यूटी में लगाया जाता है। इस ड्यूटी का मानदेय भी नहीं दिया जाता है। कहा कि डीएम द्वारा रोजगार सेवकों को स्पष्टीकरण लेते हुए पद से हटाने की कार्रवाई को पत्र जारी किया गया है। कहा कि मनरेगा के कार्यों में रोजगार सेवकों का कोई दोष नहीं है। बैठक के बाद कलक्ट्रेट जाकर ज्ञापन दिया गया। ज्ञापन में 14वें वित्त आयोग व मरेगा के अंतर्गत कार्यों का अभिसरण करने, रोजगार सेवकों को ईपीएफ का लाभ देने, स्मार्ट फोन दिलाने, 18 माह से लटका मानदेय दिलाने, स्टेशनरी के लिए एक हजार रुपये मासिक दिलाने की मांग की गई। इस दौरान जिलाध्यक्ष पिंटू कुमार, कोमल सैनी, प्रदीप कुमार, आफताब आलम आदि मौजूद रहे।