बिजनौर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश तिवारी ने शमा दहेज हत्याकांड में आरोपी पति की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
शासकीय अधिवक्ता श्याम स्वरूप शर्मा के अनुसार थाना नौगांवा सादात के गांव नानक नंगली निवासी अबी हसन ने अपनी पुत्री शमा का निकाह थाना स्योहारा के गांव बल्लानंगला निवासी मोहम्मद हुसैन से अप्रैल 2017 में किया था। शमा के निकाह के समय काफी सामान व उपहार दिए गए थे। मगर, शमा के ससुराल वाले इससे खुश नहीं थे और दहेज में मारुति कार व एक लाख रुपये नगद लाने की मांग करते थे। इसके लिए उसे प्रताड़ित किया जाता था। 28 मार्च 2018 को सुबह दस बजे किसी ने फोन पर अबी हसन को बताया कि शमा को उसके ससुराल वालों ने फांसी लगाकर मार दिया है। सूचना मिलने पर पिता व अन्य परिजन बल्ला नंगला पहुंचे और देखा कि उसकी पुत्री का शव घर में रखा है। पति व अन्य ससुराल वाले फरार हो गए थे। इस हत्याकांड की रिपोर्ट थाना स्योहारा में दर्ज कराई गई थी। जिला जज ने इस मामले में पति मोहम्मद हुसैन की जमानत याचिका निरस्त कर दी है। इस हत्याकांड में सास खातून, ससुर सैय्यद हुसैन की जमानत याचिका पहले ही निरस्त हो चुकी है।