उझारी। नगर के इमामबाड़ा अबू तालिब और इमामबाड़ा बाबुल हवाईज में मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिस में कर्बला की दास्तान सुनकर अजादारों की आंखें भर्र आइं। मौलाना मुहर्रम अली ने कहा कि आज दुनिया इमाम हुसैन को याद कर रही है। इमाम हुसैन का हर समुदाय मानता है। मौलाना असगर अली ने कर्बला की शहादत बयान करते हुए कहा कि हजरत इमाम हुसैन को दौलत की जरूरत नहीं थी, मगर इंसानियत को बचाना था, जिसको यजीद समाप्त करना चाहता था। मजलिस में नौहा पढ़ा गया। अजादारों ने मातम किया।