बिजनौर। एडीजे रजनीश कुमार ने गैर इरादतन हत्या के मामले में आरोपी इकबाल को पांच वर्ष के कारावास एवं पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। शासकीय अधिवक्ता संजीव वर्मा के अनुसार नजीबाबाद के मोहल्ला जाब्तागंज निवासी मोहम्मद आदिल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके चाचा इकबाल उनके मकान के बराबर में परिवार सहित रहते हैं। उनके और इकबाल के मकान के सामने छह फीट चौड़ा सामूहिक रास्ता है। इसके पिता नसीम अहमद को दिल की बीमारी थी। उनका इलाज चल रहा था। 31 मार्च 2015 को सुबह 11 बजे उसके चाचा इकबाल और उनका पुत्र सोबी उसके घर के सामने रास्ते में अपना स्नान गृह बनाने लगे। इस पर जब उसने और उसके पिता नसीम अहमद ने स्नानघर बनाने से मना किया तो इकबाल अहमद और उसके लड़के सोबी ने गाली गलौच करते हुए उसके पिता नसीम अहमद को बुरी तरह से मारा पीटा। इससे वह मौके पर ही बेहोश हो गए। उन्हें उपचार के लिए पूजा नर्सिंग होम ले जाया गया। वहां पर डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस मामले में सोबी के नाबालिग होने के कारण उसकी फाइल सुनवाई के लिए किशोर न्याय बोर्ड में भेज दी गई। जबकि अदालत ने इकबाल अहमद को गैर इरादतन हत्या का दोषी पाते हुए पांच वर्ष की सजा सुनाई है।