पेड़ों के कटवाने को गुपचुप तरीके से कर दिया ठेका
बिजनौर। थाना नगीना देहात क्षेत्र के गांव मुर्तजापुर उर्फ चंदनवाला मोहम्मद इरशाद ने प्रार्थना पत्रों में बताया कि उसके पिता की मौत लगभग 20 साल पहले हो चुकी है। करीब तीन माह पूर्व उसकी मां का भी इंतकाल हो गया। उसकी तीन बहने हैं और वह अकेला ही अपने पिता की संपत्ति का वारिस है। जोत की जमीन भी उसके नाम आ चुकी है। वह अपने मकान में रहता है। जोत की जमीन का अभी तक बंटवारा नहीं हुआ है। आरोप है कि उसके ताऊ अब्दुल गफ्फार ने जबरन उसकी जमीन पर लगे 80 पेड़ों को कटवाने का ठेका एक ठेकेदार को 85 हजार रुपए में दे दिया। लगभग सात साल पहले भी जंगल में साझे के करीब दो लाख रुपये के पेड़ों को कटवा दिया। पेड़ों का कोई पैसा उसे नहीं दिया गया। अब फिर से उसका ताऊ पेड़ों को कटवाने की फिराक में है। आठ मार्च को वह अपनी बहन सायमा के साथ अपने ताऊ के घर पर गया और उनसे पेड़ों को न कटवाने की गुहार लगाई। इस मामले में गांव में पंचायत हुई तो ताऊ ने पंचायत में भी आने से इंकार कर दिया।