सैदनगली। कस्बे में तीन मुहर्रम पर मजलिस का आयोजन किया गया। मजलिसों में कर्बला की दास्तान बयान किए गए। जिसे सुनकर अजादारों की आंखें भर आई।
मजलिस में मौलाना मोहसिन नक़वी ने इमाम हुसैन की कर्बला आमद और इससे मुनस्लिक वाकयात बयान किए। कहा कि कर्बला पहुंचने से पहले रास्ते में यजीदी फ़ौज का दस्ता मिला, जिसकी सरदारी हुर इबने रिआही कर रहा था। वह सब प्यासे थे। इमाम ने अपने साथियों को हुक्म फरमाया के इन सब को पानी से सेराब करो। कुल जमा पानी अपने दुश्मन के लश्कर को पिला दिया। इसी हूर ने बाद में इमाम को कर्बला लाने पर मजबूर किया। पहली मजलिस इमाम बारगाह दादे मियां पर की गई, जिसे सादिक रजा ने खिताब किया। दूसरी मजलिस इमाम बारगाह पीर जी में हुई, जिसमें मर्सिया ख्वानी डा. लईक हैदर और उनके हमनावाओं ने की। नौहा ख्वानी मोहम्मद अब्बास ने की। इस अवसर पर गुलाम हुसैन, हसन मेंहदी, जमाल हैदर, सिब्ते अब्बास, काजिम हुसैन, इबनुल हसन, अली अब्बास मौजूद रहे।