बिजनौर। शिक्षक संगठनों और राज्य कर्मचारियों ने पुरानी पेंशन बहाली की मांग की है। कर्मचारी संगठन इसे लेकर आरपार की लड़ाई के मूड में हैं। प्राथमिक शिक्षक संघ और राज्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारी एक जुलाई को लखनऊ में संयुक्त बैठक कर आंदोलन का बिगुल फूूकेंगे। जिला स्तर पर भी इसकी तैयारी शुरू की जा रही है। प्रदेश में अप्रैल 2005 के बाद से नियुक्ति पाए शिक्षकों और राज्य कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ नहीं दिया जा रहा है। इस मामले में शिक्षकों और कर्मचारियों में रोष है। कई बार आंदोलन भी किए गए। मगर, कोई लाभ नहीं हुआ। इसके बाद भी कर्मचारी चुप बैठने को तैयार नहीं है। वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव होना है। इसे देखते हुए शिक्षक और कर्मचारी संगठनों ने फिर से पुरानी पेंशन बहाली की मांग शुरू कर दी है। इस बार शासन से आरपार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयारी शुरू हो गई है। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश चंद्र शर्मा और राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी ने सभी जिलों के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक एक जुलाई को विश्वरैया सभागार लखनऊ में बुलाई है। प्राथमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह ने बताया कि बैठक में पुरानी पेंशन बहाली के लिए जुलाई में शुरू होने वाले आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। शिक्षक कामेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह, राहुल सिंह, पंकज कुमार ने बताया कि शिक्षकों और कर्मचारियों को नौकरी करते हुए 12 साल बीतने के बाद भी उन्हें पेंशन व्यवस्था से नहीं जोड़ा गया है। ऐसे में प्रदेश भर में एकजुट होकर आंदोलन तेज करने की जरूरत है।