‘सद्भावना और श्रेष्ठ संस्कार हैं हमारी संस्कृति’
नजीबाबाद। भारतीय संस्कृति की पहचान सद् भावना और श्रेष्ठ संस्कार से जुड़ी है। श्री हरि चैतन्यपुरी महाराज ने नजीबाबाद आगमन पर यह बात कही।
बिजनौर से कोटद्वार जाते समय श्री हरि चैतन्यपुरी महाराज का डॉ.डीके शर्मा के आवास पर साधकों ने पुष्प मालाओं से स्वागत किया। भरतपुर राजस्थान निवासी श्री हरि चैतन्यपुरी ने कहा कि हमारे देश की संस्कृति अनेकता में एकता की भावना से परिपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारा देश विभिन्न रीति रिवाजों और धार्मिक मान्यताओं का संगम स्थल है। देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता को सभी धर्मों के लोगों ने सींचा है। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने हमें परस्पर सौहार्द के साथ रहने का संदेश दिया। हमें श्रेष्ठ संस्कार दिए। श्री हरि बोल... उद्घोष के साथ श्री हरि चैतन्यपुरी महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद दिया। श्री हरि चैतन्यपुरी महाराज का नजीबाबाद पहुंचने पर डॉ.डीके शर्मा, रेणु शर्मा, सुनीता, राजवीर, अंजलि, उर्मिला शर्मा, आदित्य उपमन्यु सहित अनेक श्रद्धालुओं ने स्वागत किया।