बिजनौर। गांव रामपुर ठकरा हल्दौर ब्लॉक के गांव सलेमपुर मथना उर्फ पूरनपुर ग्राम पंचायत में शामिल है। गांव में करीब 60 परिवार हैं और 350 वोटर हैं। आबादी करीब एक हजार है। गांव वालों का कहना है कि उनके पुरखों ने यहीं जन्म लिया और यहीं मरे। मगर, अधिकारियों की नजर में वे भू माफिया हैं। 50 वर्षीय ग्रामीण मोहन पाल का कहना है कि उनके पास करीब सात बीघा जमीन है। खेती करके बस अनाज ही मिलता है। पेट पालने के लिए दूसरे गांवों में जाकर मजदूरी करनी पड़ती है। 80 वर्षीय धर्मवीर सिंह का कहना है कि तीन साल बाद तो किराएदार भी मकान खाली नहीं करता है। उनकी कई पीढ़ियां गांव में ही पैदा हुई हैं। खेतों में खड़ी अपनी फसलों को लहराता देखकर उनकी रगों में खून दौड़ता है। शहरों में नेताओं ने अरबों रुपये की जमीन कब्जाते हैं। मगर, सरकार को केवल उनका गांव ही नजर आ रहा है। गांव के धर्मेंद्र ने अधिकारियों को गांव के कागजात दिखाए। धर्मेंद्र का कहना है कि कोई भी मानवीय पहलू को नहीं देख रहा है। एक हंसते खेलते गांव को उजाड़ा जा रहा है। क्या किसी का रोजगार खत्म करके उसके जिंदा रहने की उम्मीद की जा सकती है। गांव वालों ने उनकी जमीन में फसल खुर्द बुर्द कर रहे लोगों को जमकर कोसा। गांव वालों का कहना है कि यह मामला बंदोबस्त विभाग में चल रहा है। अगर कुछ दिन और इंतजार किया जाए तो कुछ नया भी मामला सामने आ सकता है।