बिजनौर में एडीएम कोर्ट ने खाद्य सामग्री के नमूने मानक के अनुरूप नहीं पाए जाने पर 14 दुकानदारों पर दो लाख 80 हजार का जुर्माना लगाया है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अगस्त माह में मिश्रित दूध, मावा, रसगुल्ला, हल्दी और बालूशाही के नमूने लिए थे। ये सभी नमूने अगस्त माह में लिए गए थे। इन नमूनों को जांच के लिए भेजा गया था। इसकी गुणवत्ता मानक के अनुरूप नहीं पाए जाने पर एडीएम कोर्ट ने दुकानदारों पर करीब दो लाख 80 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसमें नजीबाबाद के नरेंद्र व बढ़ापुर के दिलशाद का मावा, बिजनौर के ब्रहमपाल सिंह व धामपुर के शाहरूख का मिश्रित दूध सही नही पाए जाने पर 25-25 हजार रुपये का, नहटौर के सूरज की बर्फी, बिजनौर के धन सिंह की बालूशाही, भीम सिंह का पनीर , नजीबाबाद के यूनुस का मिश्रित दूध सही नही पाए जाने पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। इसके अलावा बिजनौर के नईम मिश्रित दूध का, धामपुर के नवनीत का मिश्रित दूध व रसगुल्ला का, नजीबाबाद के नरेंद्र कुमार की सुपारी का, मुजफ्फरनगर के आस मोहम्मद व बिजनौर के नसीम की हल्दी का नमूना सही नही पाए जाने पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। बिजनौर के जुल्फिकार की हल्दी सही नही पाए जाने पर दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। गौरतलब है कि इससे पहले भी कई दुुकानदारों को कोर्ट ने सजा सुनाई है। फिर भी मिलावटी का कारोबार खुलेआम फल रहा है।