गजरौलाशिव। आर्य समाज स्वाहेड़ी की ओर से चतुर्वेद पारायण महायज्ञ का शुभारंभ किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री स्वामी ओमवेश ने ओम ध्वजारोहण किया। उन्होंने बताया कि जिस मनुष्य को जीवन को यशस्वी बनाना है या विशेष उन्नति करनी है तो उसे सबसे पहले संकल्प करना होता है। संकल्प ही हमें महान बनाता है। जिस व्यक्ति के संकल्प विकल्प ही होते रहते हैं वह व्यक्ति सामान्य जीवन ही जी पाता है। कहा कि जिस व्यक्ति ने भी संसार में महानता को प्राप्त किया है, कितने ही कष्ट आने पर उसने अपने संकल्प को डिगने नहीं दिया है। संकल्प जीवन होता है और विकल्प पतन। योगाचार्य अरविंद ने गायत्री पद का अर्थ बताया। कहा कि गायत्री मंत्र बोलकर हम परमात्मा का गुणगान करते हुए इसमें अपने लिए पवित्र बुद्धि की मांग करते हैं। इस दौरान डा. विद्यासागर, जगवीर सिंह, विनोद कुमार, जयपाल सिंह, घसीटा सिंह, पुखराज सिंह, नरेश कुमार, उदयवीर, लखपत, सतपाल सिंह, शोभा देवी, शशि, निर्मला, मिथलेश आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।