फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

महिलाओं की वजह से देश की संस्कृति सुरक्षित:प्रियंवदा तोमर

विज्ञापन
विज्ञापन
‘महिलाओं की वजह से संस्कृति सुरक्षित’
विज्ञापन

बिजनौर। वर्धमान कॉलेज में बदलते परिवेश में स्त्री की भूमिका: वर्तमान स्थिति और संभावनाएं विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी प्रारंभ की गई। कार्यक्रम में विषय से जुड़ी पत्रिका का विमोचन भी किया गया। मुख्य अतिथि राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. प्रियंवदा तोमर ने कहा हमें गौरान्वित होना चाहिए कि हमने ऐसे देश में जन्म लिया जहां शुरू से ही महिलाएं सम्मानित और सशक्त रही हैं। कई शताब्दियों की गुलामी के बाद भी देश की संस्कृति आज भी सुरक्षित है। मुख्य वक्ता डॉ. लता चंदौला ने कहा कि गृहणी हर देश की नींव का अनदेखा पत्थर है। कई क्षेत्रों में महिलाएं पुरुषों से आगे हैं। विशिष्ट अतिथि डॉ. सूर्य मणि रघुवंशी ने बताया कि मीरा कुमार, रजिया जैदी, ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित कर्तुलैन हैदर आदि ने जिले व देश का नाम रोशन किया। कहा कि आज तक राजनीति में 33 प्रतिशत आरक्षण न मिल पाना हमारी दोहरी मानसिकता का ही प्रमाण है। कार्यक्रम अध्यक्ष भाजपा विधायक ओमकुमार ने कहा कि महिलाओं के लिए अलग कानून बनाने से पहले हमें अपनी मानसिकता बदलनी होगी। उन्होंने कहा कि अगर भारतीय अपनी सभ्यता और संस्कृति को अपना लें तो हमें विश्व की ओर देखने की जरूरत नहीं होगी। प्राचार्य प्रोफेसर सीएम जैन ने कहा कि स्त्री को किसी परिभाषा में नहीं बांधा जा सकता है। इसकी महिमा अनंत है। संयोजिका डॉ. शशि प्रभा ने कहा कि महिला को मानवी कभी नहीं कहा गया है। इस दौरान डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. संजय त्यागी, डॉ. रेनू शर्मा, डॉ. एकेएस राणा, डॉ. सीपी आर्य, डॉ. प्रीति खन्ना, डॉ. पूनम तिवारी, डॉ. जकिया रफत, डॉ. आशा जैन, डॉ. सीएस शुक्ला, डॉ. एनएस त्यागी आदि रहे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें